अमर उजाला ब्यूरो
शामली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ठंड के मौसम में जननी सुरक्षा योजना के तीमारदारों के लिए रैन बसेरा बनाया गया है। इसमें तीमारदारों के लिए रात को ठहरने की व्यवस्था की गई है।
जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ने से सीएचसी शामली में जननी सुरक्षा योजना के तीमारदारों के लिए रैन बसेरा बनाया गया है। मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को रात को ठंड में इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। इसके लिए सीएचसी में एक हॉल की व्यवस्था की गई है। इस हॉल में तीमारदार रात को ठहर सकेंगे। सीएचसी में आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाले मरीजों के लिए अलग से आयुष्मान वार्ड बनाया गया है। इसके तहत जनरल वार्ड के एक कक्ष में छह बेड की व्यवस्था की गई है। इस योजना के तहत लाभार्थी को पांच लाख रुपये तक उपचार कराने का लाभ मिलता है।
खाली मैदान की सफाई कर बनाया हर्बल गार्डन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सीएचसी में ऑपरेशन थियेटर के सामने खाली पड़े मैदान की साफ-सफाई कर हर्बल गार्डन बनाया है। इसमें पौधे लगाए गए हैं। सर्दी के मौसम में मरीज व तीमारदार यहां बैठकर धूप का आनंद ले सकेंगे। साथ ही सीएचसी में चार कंपोजिट पिट बनाई है। इसमें चार गड्ढे बनाकर ढक्कन से कवर किए गए हैं। इसमें घास-फूस व पेड़ों के पत्ते आदि डालकर उस पर मिट्टी डाली जाएगी। इससे छह माह में जो खाद तैयार होगी, उसे सीएचसी के पेड़-पौधों में डाली जाएगी। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉक्टर रमेश चंद्रा ने बताया कि तीमारदारों के लिए रैन बसेरा बनाया गया है। इसके अलावा सीएचसी में आयुष्मान वार्ड और कंपोजिट पिट बनाया गया है।
पालिका का स्टेशन पर बनाया रैन बसेरा बंद कराया
शामली। नगरपालिका शामली के सफाई निरीक्षक गोविंद ने बताया कि दो दिन पहले डीएम अखिलेश सिंह ने रेलवे स्टेशन या उसके समीप रैन बसेरा बनाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत पालिका ने स्टेशन के अधिकारियों से बात कर गैलरी में रैन बसेरा बनाकर उसमें 24 बिस्तरों की व्यवस्था कर दी थी, लेकिन रात में रेलवे अधिकारियों ने उनके बिस्तर वहां से उठवा दिए। उनका कहना था कि अधिकारियों की अनुमति के बिना रैन बसेरा नहीं बनाया जा सकता। सफाई निरीक्षक ने बताया कि इसके बाद उन्होंने स्थानीय रेलवे अधिकारियों को पत्र देकर रैन बसेरा बनाने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्होंने इसकी अनुमति के लिए दिल्ली रेलवे मुख्यालय के अधिकारियों से संपर्क करने को कहा है।