गन्ने की ओर बढ़ा रुझान, घट रहा धान का रकबा
शामली।
जिले में गन्ने की अधिक पैदावार होने और दाम अच्छा मिलने की वजह से किसान खुश हैं। गन्ने की फसल में किसानों का मोह बढ़ गया है, जबकि धान का रकबा घट गया है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल धान का रकबा 101 हेक्टेयर घट गया है। इस साल 20,341 हेक्टेयर भूमि में धान की पैदावार ली जाएगी।
गन्ना विभाग के सर्वे के अनुसार इस बार गन्ने का रकबा पांच से लेकर आठ प्रतिशत तक बढ़ सकता है। वर्ष 2017-18 में गन्ने का रकबा 53 हजार हेक्टेयर था, जबकि धान के रकबे पर गौर करें तो वर्ष 2016-17 में धान का रकबा 20,441 हेक्टेयर था। वर्ष 2017- 18 में 20,442 और वर्ष 2018-19 में धान का रकबा 20,341 हेक्टेयर हो गया है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की अपेक्षा इस साल 101 हेक्टेयर धान का रकबा घटा है। अपर जिला कृषि अधिकारी कृष्णपाल सिंह का कहना है कि जिले में कैराना और ऊन तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक धान उत्पादन होता है। उन्होंने बताया कि 1089 हेक्टेयर भूमि में धान की नर्सरी तैयार कर दी गई है, जिसमें पूसा बासमती 1509 सुगंधित धान की पौध तैयार की गई है। पूूूसा बासमती सुगंधित धान का बीज किसानों की पंसद है। पूसा बासमती 1509 सुगंधित धान का 51 क्विंटल 12 किलो बीज कृषि विभाग को प्राप्त हुआ था, जो किसानों को वितरित किया जा चुका है। कृषि विभाग के वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिलेभर में कैराना और ऊन तहसील के क्षेत्रो में 40 प्रतिशत धान की रोपाई हो चुकी है। बारिश होने के बाद 31 जुलाई तक धान की रोपाई पूरी हो जाएगी। 260 हेक्टेयर में लगी साठी धान जिले में साठी धान का क्रेज अभी घटा नहीं है। अभी तक 260 हेक्टेयर भूमि में साठी धान बोया गया है। साठी धान की फसल में बाली आनी शुरू हो गई है। 60 दिन में तैयार होने वाली धान की यह प्रजाति भूजल स्तर के लिए नुकसानदायक है, क्योंकि इसे पानी बहुत ज्यादा आवश्यकता पड़ती है। इसी लिहाज से कृषि विभाग ने इस प्रजाति की धान की बुआई न करने के लिए किसान पाठशालाओं का भी आयोजन किया, लेकिन उसका खास असर नहीं हुआ। पांच से लेकर आठ प्रतिशत बढ़ जाएगा। गन्ने का रकबा गन्ना विकास परिषद शामली के ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2018-19 के लिए गन्ना सर्वे अभी चल रहा है। थानाभवन व ऊन चीनी मिल क्षेत्र में 70 प्रतिशत सर्वे हो चुका है, जबकि शामली चीनी मिल में गन्ना सर्वे 50 प्रतिशत हो पाया है। सर्वे के अनुसार गन्ने का रकबा 5 से 8 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है।
धान का रकबा
2016-17--- 20441 हेक्टेयर, उत्पादन 5,76,230 क्विंटल
2017-18 -- 20,442 हेक्टेयर, उत्पादन 6,05,600 क्विंटल
2018-19 -- 20, 341 हैक्टेयर भूमि।
2017-18 में गन्ने का रकबा -- 53000 हैक्टेयर भूमि
2018-19 में अपेक्षित गन्ना रकबा -- 58000 हैक्टेयर