दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
शामली/थानाभवन।
जल निगम की लापरवाही के कारण हसनपुर लुहारी गांव में करीब 13 हजार की आबादी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। नतीजतन ग्रामीणों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है। दूषित पानी के कारण ग्रामीण घातक बीमारियों के गिरफ्त में तेजी से आ रहे हैं।
गांव की करीब 24 हजार की आबादी के सापेक्ष सिर्फ एक ओवरहैड टैंक और एक नलकूप है। इससे मोहल्ला पेलावाली, मेन बाजार, छतरीवाला कुआं, कश्यप मोहल्ला, राईयान सहित करीब 11 हजार लोगों तक ही शुद्ध पेयजल पहुंच पाता है। बस अड्डे, मोहल्ला बरखापुरी, रोडान, कुरैशियान, डाकघर के समीप आदि गांव के करीब 13 हजार लोग आज भी हैंडपंप से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। हसनपुर लुहारी गांव में कृष्णा नदी के दूषित होने के कारण हैंडपंप दूषित पानी उगलते हैं। साफ पानी के लिए करीब 350 फीट तक बोरवेल करने की जरूरत होती है, जिसे कराने की प्रत्येक व्यक्ति की क्षमता नहीं हैं। ऐसे में हर ग्रामीण की आस जल निगम की ओर से गांव में तैयार किए गए एक ओवरहैड टैंक व नलकूप से ही लगी हुई है।
दूषित पानी से फैल रही जानलेवा बीमारी
शुद्ध पेयजल ग्रामीणों को नसीब नहीं होने के कारण गांव में कैंसर की बीमारी फैल गई है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में अब तक करीब 12 लोगों की कैंसर के कारण मौत हो चुकी है। वहीं इतने ही लोग आज भी इस बीमारी से जूझ रहे हैं।
दो माह में आरओ हो जाता है खराब
गांव में दूषित पानी का आलम ये है कि कुछ लोगों ने आरओ जरूर लगाया है। हालांकि पानी दूषित होने के कारण लोगों के आरओ दो माह में ही खराब हो जाते हैं।
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गांव में दूषित पानी है, इस संबंध में दोबारा जल निगम व जिलाधिकारी से मुलाकात कर नलकूप की मांग की जाएगी, जिससे सभी लोगों को साफ पानी मुहैया हो सके
-स्वाति सैनी, ग्राम प्रधान