शामली मिल ने किया 14 करोड़ 48 लाख का बकाया भुगतान
शामली। सपा के पैदल मार्च के दबाव के चलते सरशादी लाल समूह की शामली चीनी मिल ने सात दिसंबर से लेकर 13 दिसंबर तक का 14 करोड़ 48 लाख रुपये का किसानों का बकाया गन्ने का भुगतान किया हैं।
भाजपा सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीति के विरोध में सात सूत्री मांगो को लेकर मंगलवार को पैदल मार्च निकाला जाएगा। मंगलवार को सपा का पैदल मार्च सुधीर पंवार के नेतृत्व में शामली सहकारी गन्ना समिति कार्यालय से शुरू होकर कलक्ट्रेट में समाप्त होगा। कलक्ट्रेट में सपा कार्यकर्ता डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। सपा के पैदल मार्च के दबाव में सरशादी लाल समूह की अपर दोआब चीनी मिल ने सात दिसबर से लेकर 13 दिसबर तक किसानो का 14 करोड़ 48 लाख्र रूपये का बकाया गन्ना भुगतान चेको से भिजवा दिया है। जिला गन्ना अधिकारी डाक्टर अनिल भारती ने बताया कि शामली चीनी मिल ने 12 करोड रूपये का चेक शामली सहकारी गन्ना विकास समिति को भिजवा दिया है। 2 करोड़ 48 लाख रूपये का चेक मंगलवार को गन्ना समिति के माध्यम से बैको मे चला जाएगा। उन्होने बताया कि शामली चीनी मिल का 14 करोड़ 48 लाख रूपये का बकाया गन्ना भुगतान आने के बाद शामली चीनी मिल पर 177 करोड़ 85 लाख रुपये बकाया रह गया है।
22 गांवो में से मात्र 11 गांवों के किसानों को जारी किया गया गन्ना इंडेंट
शामली। जिले का गन्ना किसान पर्ची को लेकर परेशान है। दूसरी ओर, चीनी गन्ना इंडेंट जारी करने में मनमानी कर रही है।
शामली सहकारी गन्ना विकास समिति के किसानों का शामली, थानाभवन, ऊन, तितावी, बुढ़ाना, खतौली चीनी मिलों का गन्ना आपूर्ति होता है। शामली सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय में आए दिन कांधला क्षेत्र के गंगेरू, अंबेहटा, समेत किसान गन्ना पर्ची की मांग को लेकर समिति सचिव से शिकायत करते हैं। तितावी मिल की ओर से शामली गन्ना विकास सहकारी समिति को 22 गांवों के किसानों को 10 अप्रैल को गन्ना इंडेंट जारी किया गया है। जारी इंडेंट नियमित रूप से जारी नहीं किया गया है। इंडेंट जारी करने में मनमानी की गई है। दस अप्रैल के इंडेंट मे तितावी मिल ने करौंदा हाथी, अलावल पुर, भनेडा जट, कुरमाली, कासमपुर, पिपलहेड़ा, कांजरहेडी, खरड, खेडी पट्टी,साल्हाखेडी, नगला पिथोरा आदि गांव के किसानों को कोई भी गन्ने का इंडेंट जारी नही किया गया है। कुल 22 गांवों में से मात्र 11 गांवों को गन्ने का इंडेंट जारी किया गया है।