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20 हजार की आबादी को नहीं मिल रही स्वास्थ्य सेवाएं

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ग्रामीणों को नहीं मिल रही स्वास्थ्य सेवाएं
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कैराना (शामली)। 20 हजार की आबादी वाले गांव तितरवाड़ा में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को डूंडूखेडा में शिफ्ट कर दिए जाने के बाद से यह समस्या पैदा हो गई है। इस विकट समस्या से स्वास्थ्य विभाग अनजान बना हुआ है।
कैराना क्षेत्र के ग्राम तितरवाडा में डेढ़ दशक से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र था और फिर उपकेंद्र भी बनाया गया। यहां से गांव डुंडूखेडा, तितरवाडा, इस्सोपुर टील, गढी रामकौर आदि के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलती थीं। करीब दो साल से पीएचसी और उपकेंद्र को बंद कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि तितरवाड़ा की आबादी सबसे ज्यादा है, लिहाजा यहीं पर पीएचसी होनी चाहिए थी। गांव में डॉक्टर की स्थायी तैनाती की मांग
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समाजसेवी मुरसलीन चौहान का कहना है कि वह कैराना चिकित्सा अधीक्षक सलीम अहमद को कई बार शिकायत कर चुके हैं। एसीएमओ से भी कहा गया। हाजी तालिब का कहना है कि गांव में पीएचसी में डॉक्टर नहीं होने से लोगों को कई-कई किमी दूर जाना पड़ता है। ऐसे भी लोग हैं, जिनके पास जाने का कोई साधन नहीं। समय भी खर्च होता है। गरीबों मजदूरों के लिए यह बड़ी परेशानी हैं। गांव में ही डॉक्टर तैनात होना चाहिए। इकराम का कहना है कि एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने कैराना के अस्पताल में जाते हैं, तो वहां से मरीजों को डुंडूखेडा भेजा जाता है। इनाम ने कहा कि अस्पताल की खाली पड़ी जमीन पर ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनना चाहिए। या फिर पीएचसी में डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। जिंदा हसन का कहना है कि गांव में बीमारियों की रोकथाम तभी हो सकती है, जब डॉक्टर पीएचसी में तैनात हों। तितरवाड़ा के ग्राम प्रधान संदीप कुमार का कहना है कि पीएचसी में डॉक्टरों की तैनाती के लिए काफी प्रयास कर रहे हैं। दवा छिड़काव के लिए भी कहा गया है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
पिछले साल हुई थी कई लोगों की मौत
गांव तितरवाड़ा में पिछले वर्ष बीमारियों के चलते कई लोगों की मौत पूर्व में हो चुकी हैं, तब मामला अखबारों में सुर्खियां बनने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर मरीजों का चेकअप किया था। उस समय गांव में डॉक्टरों की तैनाती का भी आश्वासन दिया गया था। बाद में उस पर अमल नहीं हो सका।
-- वर्जन --
कैराना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्साधीक्षक डॉक्टर सलीम का कहना है कि करीब डेढ़ साल पूर्व तितरवाड़ा में अस्पताल के लिए जगह मांगी गई थी, लेकिन जगह नहीं मिल सकी थी। इसी कारण डुंडूखेडा में सीएचसी बनी।
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हार्टअटैक से महिला सहित दो की मौत
कैराना। गांव तितरवाड़ा में बुधवार को एक ही दिन में महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई। परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। गांव के हकीमू की पत्नी हसीना (35) को बुधवार तड़के सीने में दर्द की शिकायत हुई थी, और फिर उसकी मौत हो गई। वहीं, मुंशी (65) को हार्टअटैक आया। परिजनों ने चिकित्सक को दिखाया, लेकिन मुंशी ने दम तोड़ दिया। एक दिन में दो लोगों की मौतों से दोनों ही परिवार में मातम पसरा हुआ है।
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