हरियाणा से जुड़ी शामली जिले की सीमा पर निगाह रखने के लिए जिला पुलिस ने सात पिकेट लगाई हैं। यमुना के रास्ते हरियाणा की ओर से आने वाले संदिग्धों तथा शराब तस्करी रोकना इस पिकेट का उद्देश्य बनाया गया है।
22 नवंबर को शामली में निकाय चुनाव के मद्देनजर मतदान होना है। शामली जिले की सीमा पड़ोसी प्रदेश हरियाणा से मिली हुई है। शामली जिला हरियाणा के पानीपत और करनाल जिले से जुड़ा हुआ है। तीनों जिलों के बीच यमुना नदी बहती है। जिसकी लंबाई जिले में करीब 52 किमी है। निकाय चुनाव के मद्देनजर हरियाणा प्रदेश से शराब की तस्करी यूपी में बढ़ जाती है। इसके अलावा हथियारों की सप्लाई भी की जाती है। हरियाणा से शामली में प्रवेश के लिए दो बिड़ौली यमुना पुल और कैराना यमुना पुल है, लेकिन दोनों ही पुलों पर पुलिस का सख्त पहरा है। आने जाना वाला हरेक वाहन चेक किया जा रहा है। जिसके चलते हरियाणा से यूपी में प्रवेेश करने का रास्ता यमुना नदी बच जाता है।
52 किमी की दूरी में शराब माफिया, या फिर संदिग्ध और हथियार सप्लायरों के लिए प्रवेश संभव है, लेकिन जिला पुलिस ने इसके लिए भी कमर कसी है। कप्तान डाक्टर अजयपाल शर्मा के निर्देश पर इस बार यमुना बीहड़ के सात गांवों में सात चेकपोस्ट पिकेट के रूप में बनाई गई है। एक पिकेट पर एक एसआई, एक एचसीपी, चार कांस्टेबल की डयूटी लगाई गई है। जिले में यमुना तटबंध पर भड़ी घाट, चौतरा, बसेड़ा, मंडावर, खुरगान, सहपत ओर डुंडखेड़ा में पिकेट बनाई गई है।
अंतर राज्य सीमा बैरियर, चेकिंग शुरू
शामली में एसपी के आदेश पर निकाय चुनाव के मद्देनजर चार अंतर राज्य सीमा बैरियर भी बनाए गए है, इनमें बिडौली यमुना पुल, कुंडाघाट, कैराना यमुना पुल और इस्सोपुर टील पर बैरियर लगाया गया है। इस बैरियर पर जिले में आने वाले हरेक वाहन को चेक किया जा रहा है।
यमुना तटबंध पर सात पुलिस पिकेट बनाई गई है, हरियाणा से आने वाली शराब या फिर अन्य मादक पदार्थ को रोकने के साथ ही पुलिस पिकेट संदिग्धों को भी चेक करेगी डॉ. अजयपाल शर्मा, एसपी