ऑनलाइन सूचना भरने में कॉलेज संचालक किस प्रकार धांधली कर रहे हैं, इसका उदाहरण यूपी बोर्ड ऑनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में देखने को मिल रहा है। 2018 की यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की 94 कॉलेजों में से 25 कॉलेज ने गलत सूचनाएं अपलोड कर दी हैं। डीआईओएस को जानकारी मिलने पर ने सभी 25 कॉलेज के प्रधानाचार्य और प्रबंधकों को फटकार लगाई।
डीआईओएस एसएम सिद्दीकी ने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण प्रक्रिया के लिए बोर्ड ने एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है। जिसमें जनपद के सभी कॉलेजों को 25 सितंबर तक सूचनाएं अपलोड करनी थी। निर्देश दिए गए थे कि परीक्षा निर्धारण के लिए मोबाइल एप को अपने कॉलेज में जाकर ही डाउनलोड करना था। जिससे बोर्ड को दूूूरी का पता चल जाएगा। ज्यादातर कॉलेजों ने निर्देश का पालन नहीं किया और घर बैठे ही एप डाउनलोड कर दूूरी आने पर डाटा फीड कर दिया। जिससे कॉलेजों की अक्षांश और देशांतर दूूरी में कम दूरी होने के बाद भी काफी अंतर आ गया।
जिसमें हिंदू कन्या इंटर कॉलेज और वीवी कॉलेज की दूूरी मुश्किल से एक किमी भी नहीं है, लेकिन गलत सूचना अपलोड करने से उनमें 28 किमी की दूूरी बन गई है। वहीं कैराना के पब्लिक इंटर कॉलेज और स्वामी विवेकानंद कॉलेज में केवल 500 मीटर की दूूूरी भी नहीं है। जिसमें 29 किमी की दूूरी देखने को मिल रही है। डीआईओएस कार्यालय में जब बोर्ड से गलत सूचना पर 394 आपत्ति भेजी तो विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ी। जिसके बाद डीआईओएस ने 25 गलत सूचना अपलोड करने वाले कॉलेज प्रधानाध्यापकों को फटकार लगाई। फिर से कॉलेज में जाकर ही एप डाउनलोड कर सही दूूूरी की सही सूचना अपलोड करने के निर्देश दिए।