शामली। वित्तीय वर्ष 2020-21 पूरा होने में मात्र 13 दिन बचे हैं। नगरपालिका को इस वित्तीय वर्ष में शासन ने 15वें वित्त आयोग से लगभग 8.65 करोड़ रुपये की धनराशि का बजट मिला है, लेकिन इस धनराशि का विकास कार्यों में इस्तेमाल नहीं हो पाया। अब इस धनराशि से नए वित्तीय वर्ष में विकास कार्य कराने के लिए शासन से अनुमति लेनी होगी। इससे साफ है कि पालिका को शासन की गाइड लाइन का इंतजार करना पड़ेगा।
31 मार्च को वित्तीय वर्ष 2020-21 पूरा हो रहा है। वित्तीय वर्ष के आखिरी माह में जनपद के विभागों में शासन से मिले बजट को खर्च करने पर जोर रहता है। नगरपालिका शामली की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में 15वें वित्त आयोग से लगभग 8.65 करोड़ रुपये की धनराशि का बजट तीन किस्तों में मिला है, लेकिन पूरा साल बीत गया, लेकिन इस बजट का इस्तेमाल विकास कार्यों में नहीं हो सका। वित्तीय वर्ष के पूरा होने में मात्र 13 दिन बचे हैं, ऐसे में यह बजट विकास कार्यों में खर्च नहीं हो पाएगा।
इस बजट धनराशि से अगले वित्तीय वर्ष 2021-22 में विकास कार्यों में खर्च करने के लिए शासन से अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके लिए पालिका की तरफ से शासन को पत्र भेजकर समय बढ़ाए जाने की मांग की जाएगी। इसके लिए शासन की गाइड लाइन का इंतजार करना पड़ेगा।
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14वें वित्त आयोग के भी बचे दो करोड़ रुपये
वित्तीय वर्ष 2019-20 में नगरपालिका को 14वें वित्त आयोग से लगभग 6.33 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित हुई थी। इस बजट का इस्तेमाल वित्तीय वर्ष 2020-21 में किया गया। इसके बाद भी इस बजट में लगभग दो करोड़ रुपये बचे हुए हैं। इस बचे हुए बजट को खर्च करने के लिए पालिका ने 13 कार्यों के पालिका ने दो बार टेंडर निकाले गए, लेकिन दोनों ही बार निर्माण एजेंसी व ठेकेदारों द्वारा शासन से निर्धारित मानक पूरे न किए जाने पर निरस्त हो गए। अब पालिका तीसरी बार टेंडर निकालने की तैयारी कर रही है।
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कोट...
15वें वित्त आयोग से मिले बजट से विकास संबंधी कार्य योजना तैयार कर ली गई है। कार्य योजना को स्वीकृति के लिए जनपद स्तरीय समिति को अनुमोदन के लिए भेजा रहा है। 14वें वित्त के करीब दो करोड़ के निर्माण कार्य के टेंडर दो बार निकाले जा चुके हैं, लेकिन ठेकेदारों द्वारा मानक पूरे न किए जाने पर निरस्त हो गए हैं। तीसरी बार फिर टेंडर निकाले जाएंगे। - सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका शामली।