नेशनल फेडरेशन आफ इंडियन रेलवे के जोनल सचिव एवं उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के नेता रामप्रकाश शर्मा को नजीबाबाद पुलिस के गिरफ्तार करने पर उरमू से जुड़े रेल कर्मचारी बुधवार को भड़क उठे। उरमू की स्थानीय और रोजा इकाई से जुड़े रेल कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट जाकर जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्य सचिव के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर रेलवे कर्मचारी नेता की बिना शर्त रिहाई करने की मांग की। रिहाई न होने पर रेलवे का चक्का जाम कर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे उरमू के शाखा सचिव राजीव शर्मा ने कहा कि रामप्रकाश की गिरफ्तारी झूठे मामले में एक षड़यंत्र के तहत की गई है। एनएफआईआर के जोनल सचिव 12 दिसंबर को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक से मिलने मुरादाबाद मंडल कार्यालय गए थे। वहां से अपने घर हरिद्वार लौटते वक्त नजीबाबाद पुलिस ने गाड़ी के कागजात चेक करने के बहाने कर्मचारी नेता को थाने में रोक लिया और बाद में पूर्व नियोजित षडयंत्र के तहत उन्हें एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज दिया।
शाखा अध्यक्ष लालजी मौर्य ने एनएफआईआर के जोनल सचिव पर पुलिस की कार्रवाई के लिए दूसरी यूनियनों की संदिग्ध भूमिका पर सवाल खड़े किए। कहा कि कर्मचारियों ने जोनल सचिव की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर उनकी छवि धूमिल करने के लिए यह साजिश रची है। मुख्य सचिव के नाम दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि इस मामले में जांच कर दोषी पुलिस कर्मियों को दंडित किया जाए। नहीं तो यूनियन बड़े पैमाने पर रेल का चक्का जाम कर आंदोलन करेगी। प्रदर्शन में इंटक के जिलाध्यक्ष पवन कुमार सिंह, उरमू के रोजा शाखा अध्यक्ष कृष्ण गोपाल, शाखा सचिव संतोष शुक्ला, संजय सिंह, खुशीराम, बीके पांडेय, मो. बली, पूरन लाल, अजय सक्सेना, राजीव वर्मा, अंकित शर्मा, रामचंद्र, राशिद हुसैन, संजीव कुमार, हिमांशु, संजय कुमार, सुनील कुमार आदि शामिल रहे।