शाहजहांपुर। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के दोषी को अदालत ने 20 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है। दोषी शान मोहम्मद अलीगढ़ के हरदुआगंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला सिल्ला का रहने वाला है।
सिंधौली थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला एक मोहल्ले में किराये पर रहती हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह और उनका पति हरियाणा में ईंट भट्ठे पर पथाई का काम करते थे। भट्ठे पर ही अलीगढ़ का रहने वाला शान मोहम्मद जेसीबी मशीन चलाता था। वह उनकी 15 वर्षीय बेटी से फोन पर बात करता था।
जानकारी होने पर उन्होंने बेटी को शान से बात करने से मना किया। बाद में वह अपने परिवार समेत लौट आईं। 26 जून 2024 को शान मोहम्मद उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर कहीं ले गया। पुलिस ने शान मोहम्मद के खिलाफ प्राथमिकी पंजीकृत कर किशोरी को तलाश लिया। उसके बयान व चिकित्सीय साक्ष्य के आधार पर शान मोहम्मद के खिलाफ बहलाफुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म, पॉक्सो और एससीएसटी एक्ट में आरोपपत्र अदालत भेजा।
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्धू ने शान मोहम्मद को 20 वर्ष के कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
गैंगस्टर एक्ट में दोषी को दो वर्ष का कारावास
शाहजहांपुर। संगठित गैंग बनाकर अपराध करने के दोषी अंकित मिश्रा उर्फ टाटा को अदालत ने उप्र गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
थाना सदर बाजार के प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया था कि गैंग चार्ट के अभियुक्त आरसी मिशन थाना क्षेत्र के रेती मोहल्ले का आशीष तिवारी, सदर बाजार थाना क्षेत्र के कटिया टोला मोहल्ले का अंकित मिश्रा उर्फ टाटा, चौक कोतवाली के हुसैनपुरा मोहल्ले का गौरव मिश्रा की जांच की गई। इसका अनुमोदन डीएम ने 23 जनवरी 2009 को किया था।
जांच में पाया गया कि आशीष तिवारी ने अपने सहअपराधी अंकित मिश्रा के साथ एक संगठित गिरोह बना रखा है। गिरोह का मुखिया आशीष तिवारी है। यह गिरोह अपने आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए हत्या, लूट जैसे अपराध करने में सक्रिय है। पुलिस ने आरोपपत्र अदालत में भेजा।
विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट ने अंकित मिश्रा को दोषी पाते हुए दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। संवाद