न्यू ककरा सिटी स्थित शाहजहांपुर विकास प्राधिकरण का कार्यालय
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वर्ष 2025 में जहां शाहजहांपुर जिले को लगातार दूसरी बार आई बाढ़ ने जख्म दिए तो कई उपलब्धियों ने आगे बढ़ने का साहस प्रदान किया। खासतौर पर शाहजहांपुर विकास प्राधिकरण की स्थापना ने शहर के सुनियोजित विकास की कल्पना को पंख लगाए। पुवायां में भैंसी नदी का पनुरुद्धार किया गया। नदी की दोबारा खोदाई की गई, जिससे वर्षों से सूखी नदी में जलधारा प्रवाहित हो गई। भगवान परशुराम की जन्मस्थली जलालाबाद अब उनके नाम परशुरामपुरी से जाना जाएगा। इस पर इस वर्ष केंद्र सरकार से अनुमति मिल गई है।
जलालाबाद का नया नाम होगा परशुरामपुरी
13 अगस्त 2025 को गृह मंत्रालय ने भगवान परशुराम की जन्मस्थली जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी किए जाने पर सहमति प्रदान की। प्रदेश सरकार ने अपनी सहमति सहित प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय भेजा था। अब यूपी कैबिनेट से हरी झंडी मिलनी है। जन्मस्थली के पुनरुद्धार के लिए 30 करोड़ रुपये से विकास कार्य चल रहा है।
एसडीए से होगा शहर का सुनियोजित विकास
17 फरवरी 2025 को शाहजहांपुर विकास प्राधिकरण की अधिसूचना जारी कर दी गई थी। 24 अगस्त को वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने न्यू ककरा सिटी में नगर निगम के गेस्ट हाउस में अस्थायी कार्यालय का शुभारंभ किया। एसडीए ने अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस देना शुरू कर दिया है। साथ ही नक्शे पास होने लगे हैं।