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एक्सईएन ग्रामीण पर एफआईआर के निर्देश

Sat, 29 Aug 2015 12:25 AM IST
शाहजहांपुर।
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जिले के उद्योगों को अनुकूल माहौल नहीं देने और उद्योगपतियों की समस्याओं को जानबूझकर अनदेखा किए जाने के कई मामले सामने आने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने शुक्रवार को कई कड़े कदम उठाए। विकास भवन सभागार में जिला उद्योग बंधु समिति एवं कानून तथा सुरक्षा व्यवस्था समिति की बैठक में ऐसे ही एक प्रकरण को संजीदगी से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी पुलकित खरे ने पॉवर कारपोरेशन के एक्सईएन ग्रामीण का वेतन रोकने और कार्य में शिथिलता बरतने पर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
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दरअसल, बैठक में मौजूद उद्यमियों की ओर से अफसरों को बताया गया कि यूपीएसआईडीसी के स्थानीय ग्रोथ सेंटर में एक भूखंड आवंटी ने 100 केवी का विद्युत भार स्वीकृत कराया। क्षेत्रीय प्रबंधक के स्तर से लिखा-पढ़ी भी हुई, लेकिन पॉवर कारपोरेशन के एक्सईएन ने वहां अभी तक न तो बिजली लाइन तैयार कराई और न ही कनेक्शन जारी किया। इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली ट्रिपिंग रोकने का पुराना मामला भी नए एजेंडा में लंबित पाए जाने पर सीडीओ का पारा हाई हो गया।
उन्होंने जवाबदेही तय करनी चाही, लेकिन बैठक में एसई सहित दोनों एक्सईएन को अनुपस्थित पाकर सीडीओ ने कार्रवाई का मन बना लिया। उन्होंने एफआईआर होने तक एक्सईएन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। रोजा औद्योगिक आस्थान में रोड साइड की मरम्मत नहीं होने का मुद्दा उठने पर एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव ने एनएचएआई के एक्सईएन से बात की। उन्होंने गुमराह करने वाला जवाब देकर मरम्मत का काम पूर्ण बताया। उद्यमियों ने उनके जवाब पर आपत्ति करके समस्या दोहराई तो एडीएम ने एक्सईएन को सोमवार तक कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब देने को कहा।
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17 साल से आवास विकास में प्रकरण लंबित  
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अफसरों को बताया कि हरदोई रोड पर आवास विकास परिषद ने 1998 से भूमि अधिग्रहण का मामला लंबित कर रखा है। परिषद का कोई एक्सईएन यहां आना नहीं चाहता। इसलिए अब नई नीति के तहत किसानों को राजी करके भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया लागू की जाए। इस मामले में एडीएम ने बताया कि विभागीय एक्सईएन का वेतन रोकने के लिए डीएम के स्तर से उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है।

धान क्रय एजेंसियां दबाए हैं सूखन का भुगतान
वरिष्ठ राइस मिलर और आईआईए के पूर्व अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने अफसरों से शिकायत की कि पीसीएफ, यूपी एग्रो समेत अन्य धान क्रय एजेंसियों द्वारा स्टेट पूल में दिए गए धान पर प्रदेश सरकार द्वारा एक प्रतिशत सूखन का पेमेंट किया जा चुका है, लेकिन क्रय एजेंसियां राइस मिल्स को उसका भुगतान नहीं कर रही हैं। इसी तरह ट्रांसपोर्टेशन के लाखों के बिल गत कई वर्ष से लंबित हैं। अधिकारियों ने क्रय एजेंसियों के अफसरों का समस्या का निस्तारण जल्द करने के कड़े निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त उद्योग रमेश चंद्रा सहित अशोक अग्रवाल, अनुज गुप्ता, विवेक अग्रवाल, सुरेश सिंघल, मुकेश अग्रवाल, रमाकांत मोदी, विश्वमित्र तलवाड़, आरिफ जमाल खां, विप्रेश गुप्ता, रामगोपाल अग्रवाल आदि उद्यमी मौजूद रहे।
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