स्थानीय सरकारी अस्पताल की स्टाफ नर्स परविंदर कौर पर एक बच्चे का गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने का आरोप है। बच्चे के घरवालों का कहना है कि इंजेक्शन की जगह पककर फोड़ा बन गया है। गांव हिटौटा निवासी अरबाज ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर उसने पत्नी रेहाना को 26 जुलाई को खुटार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। बच्चे का जन्म होने पर अस्पताल में खुद को डॉक्टर बताने वाले एक व्यक्ति ने उससे खर्चे के नाम पर ढाई सौ रुपये वसूल लिए। इसके बाद एंबुलेंस चालक ने घर छोड़ने के नाम पर सवा सौ रुपये की वसूली की। 27 जुलाई को पुत्र रहमान को स्टाफ नर्स परविंदर कौर ने जांघ में टीका लगाया जो चार पांच दिन में लाल पड़ गया। अस्पताल जाकर दिखाने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया और उसे घर वापस भेज दिया गया। धीरे-धीरे टीका लगे स्थान ने फोड़े का रूप ले लिया। अरबाज ने सीएमओ से मामले की जांच और स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, परविंदर कौर ने बताया कि उसने बच्चे के टीका नहीं लगाया है। जबकि अस्पताल के अभिलेखों में टीका परविंदर कौर की ओर से लगाए जाने की एंट्री है।
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स्टाफ नर्स परविंदर कौर छुट्टी पर हैं। फोन पर उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई है। एंबुलेंस चालक और आशा बहू को भी चेतावनी दी गई है। बच्चे के फोड़े का पस निकालकर पट्टी कर दी गई है। उसकी हालत में सुधार है। - डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी सरकारी अस्पताल खुटार