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Shahjahanpur News: मां कालरात्रि की पूजा कर मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

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खुटार के पंथवारी मंदिर पर कथा सुनाती उपासना शास्त्री। संवाद - फोटो : shrinagar news
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शाहजहांपुर। नवरात्र के सातवें दिन बुधवार को माता कालरात्रि की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने सुबह मंदिर जाकर मातारानी के दर्शन किए। मंदिरों व घरों में महिलाओं ने देवी गीत गाए।
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शहर के बाबा विश्वनाथ मंदिर, चौक के दुर्गा माता मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर, ओसीएफ मंदिर समेत अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु देवी मां के दर्शन करने के लिए पहुंचने लगे। देवी माता के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने पूजन किया। घरों में भी मातारानी की आराधना से श्रद्धालुओं के दिन की शुरुआत हुई। शाम को कई मंदिरों में महिला श्रद्धालु जुटीं और ढोलक की थाप पर देवी छंद गाए। इस दौरान भजनों पर महिलाएं नृत्य करने लगीं। बृहस्पतिवार को अष्टमी पर हवन का आयोजन किया जाएगा।

सीता-अनुसुइया मिलन की कथा का किया वर्णन



खुटार। नगर के माता पंथवारी मंदिर पर चल रही रामकथा में कथाव्यास उपासना शास्त्री ने सीता-अनुसुइया मिलन की कथा सुनाई।



कथाव्यास ने सुनाया कि वनवास काल में ऋषि अत्रि की पत्नी अनुसुइया ने सीता को सीख देते हुए कहा कि माता, पिता, भाई सभी हित करने वाले हैं, लेकिन पति तो मोक्ष रूप देने वाला है। वह स्त्री अधम है, जो पति की सेवा नहीं करती। उत्तम श्रेणी की पतिव्रता के मन में ऐसा भाव बसा रहता है कि जगत में उसके पति को छोड़कर दूसरा पुरुष स्वप्न में भी नहीं है।
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मध्यम श्रेणी की पतिव्रता पराए पति को अपने भाई, पिता और पुत्र के रूप में देखती हैं। जो स्त्री मौका न मिलने से या भयवश पतिव्रता बनी रहती है, जगत में उसे अधम स्त्री जाना जाता है। संवाद

धूमधाम से निकाली भगवान शिव की बरात



कुर्रियाकलां। गांव के ऐतिहासिक देवी मंदिर के कपाट छह माह बाद शुक्रवार को सुबह चार बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। मंदिर खुलने से पहले इस बार भी बुधवार को भगवान शिव की बरात गांव में धूमधाम से निकाली गई।



शिवबरात में भगवान के विभिन्न स्वरूपों की झांकियां सभी के आकर्षण का केंद्र रहीं। बरात में लोग डीजे की धुन पर नृत्य करते और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाते हुए चले। मंदिर परिसर से शुरू हुई शिव बरात ठाकुरद्वारा, फूलमती मंदिर, काेंचेश्वर महादेव मंदिर और शनि मंदिर होते हुए मेला प्रांगण में विसर्जित हुई। व्यवस्था में अमित अवस्थी, साकेत चतुर्वेदी, अमित दीक्षित, अंकित मिश्रा, जयप्रकाश दीक्षित आदि का सहयोग रहा।



देवी मंदिर के पुजारी पंडित गुुरुदेव प्रसाद दीक्षित ने बताया कि श्रद्धालु शुक्रवार को सुबह चार बजे से अगले तीन दिन तक दर्शन-पूजन कर सकेंगे। बाद में अगले छह माह तक के लिए देवी मंदिर के कपाट बंंद हो जाएंगे। संवाद

पूर्णागिरि से लाई गई जोत के साथ निकाली गई शोभायात्रा



खुटार। पूर्णागिरि धाम से लाई गई जोत के बुधवार को तमाम श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके बाद जोत और देवस्वरूपों की झांकियों के साथ कस्बे में शोभायात्रा निकाली गई। जोत को सबसे पहले माता पंथवारी मंदिर ले जाया गया। यहां पूजा के बाद शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया। शोभायात्रा बंडा रोड से मुख्य मार्ग होते हुए भुइंहार बाबा के स्थान पर पहुंची। यहां जोत को स्थापित किया गया। 27 अप्रैल को माता का जगराता होगा। संवाद

नारद मोह की कथा सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु



खुटार। खुटार के देवस्थान मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास अश्वनी त्रिपाठी ने नारद मोह का प्रसंग सुनाया।



कथा व्यास ने सुनाया कि तपस्या के बल पर कामदेव को हराने के बाद नारद मुनि को अभिमान हो गया कि वह काम को जीत चुके हैं। भगवान विष्णु ने नारद मुनि का कल्याण करने के लिए अपनी माया से एक सुंदर राजकुमारी विश्व मोहिनी के स्वयंवर की रचना कर दी। भगवान से सुंदर रूप मांगने के बाद नारद जी स्वयंवर में पहुंचे। भगवान ने उन्हें वानर का मुख दे दिया। स्वयंवर में राजकुमारी ने नारद मुनि के बंदर वाले चेहरे को देखकर उनकी अनदेखी की। नारद जी का मोह तब टूटा जब उन्होंने पानी में अपना चेहरा देखा। क्रोध में आकर नारद मुनि ने भगवान विष्णु को श्राप दे दिया कि उन्हें भी मनुष्य के रूप में पत्नी का वियोग सहना पड़ेगा। संवाद

श्रद्धालुओं को सुनाया गोवर्धन पूजा का प्रसंग

कुर्रियाकलां। रामखेड़ा गांव के देवी मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को कथाव्यास पंडित प्रभाकर मिश्रा ने श्रद्धालुओं को गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाकर देवराज इंद्र के कोप से हजारों बृजवासियों की जीवन की रक्षा की। इंद्र ने भयंकर वर्षा कराई, किंतु सभी बृजवासी सुरक्षित रहे। तभी से गोवर्धन पूजा एक त्योहार के रूप में मनाई जाने लगी। कथा के अंत में भगवान की आरती हुई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। संवाद

खुटार के पंथवारी मंदिर पर कथा सुनाती उपासना शास्त्री। संवाद- फोटो : shrinagar news

खुटार के पंथवारी मंदिर पर कथा सुनाती उपासना शास्त्री। संवाद- फोटो : shrinagar news

खुटार के पंथवारी मंदिर पर कथा सुनाती उपासना शास्त्री। संवाद- फोटो : shrinagar news

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