शाहजहांपुर। जिम्मेदारों की चिंता बाढ़ के साथ बह गई है। पिछले दो वर्ष से बाढ़ की विभीषिका झेल रहे शहर में सुरक्षात्मक कार्य लगभग शून्य हैं। ककरा पुल को ऊंचा करने का प्रस्ताव शासन में अटका हुआ है। जबकि, ककरा क्षेत्र की कटी सड़कें मरम्मत का मरहम मांग रहीं हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भी कई स्थानों पर सड़क के नीचे पुलिया का निर्माण कराया जाना है।
जुलाई वर्ष 2024 में गर्रा और खन्नौत नदी में बाढ़ आई थी। इससे अजीजगंज, साउथ सिटी, राजकीय मेडिकल कॉलेज, लोधीपुर, लौका, ब्रजविहार आदि क्षेत्रों के हजारों परिवार प्रभावित हुए थे। बाढ़ उतरने के बाद अक्तूबर-नवंबर में प्रशासन ने मंथन किया। तब गर्रा नदी की बाढ़ से बचाव के लिए ककरा पर बने पुल और मौजमपुर नहर मार्ग को ऊंचा करने पर सहमति बनी।
फरवरी 2025 में ये प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए थे। शासन से अनुमति न मिल पाने के कारण ये इंतजाम नहीं हो सके। इसके बाद अगस्त महीने के अंत में फिर से दोनों नदियों में आई बाढ़ से हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ी थी। अक्तूबर 2025 में मौजमपुर नहर मार्ग को ऊंचा करने का प्रस्ताव शासन में स्वीकृत हो गया, लेकिन ककरा पुल को ऊपर उठाए जाने का प्रस्ताव अब तक शासन में लंबित है।
पुल को ऊंचा करने का प्रस्ताव नहीं हुआ स्वीकृत
जिला प्रशासन ने बाढ़ आने के कारणों पर मंथन किया तो सामने आया कि ककरा क्षेत्र में गर्रा नदी पर बना पुल नीचा होने के कारण पानी इससे टकराकर शहर में घुस जाता है। प्रशासन ने करीब आठ माह पहले गर्रा नदी का पुल एक मीटर ऊंचा करने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। इसमें लगभग 4.24 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। पुल को ऊंचा करने के लिए टीम ने सर्वे भी किया। अब तक शासन से यह प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुआ है। शासन से प्रस्ताव पास होने के बाद टेंडर कराने और फिर काम शुरू कर बरसात से पहले करा लेने की चुनौती प्रशासन के सामने होगी। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक, नए साल से पहले प्रस्ताव पास होने की उम्मीद है।
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चार फुट ऊंचा होगा मार्ग
मौजमपुर पंप कैनल से पीएसएचएल बाइपास तक 1.5 किलोमीटर सड़क को ऊंचा करने के प्रस्ताव को शासन ने पिछले महीने अनुमति दे दी थी। यह प्रस्ताव भी आठ महीने तक लंबित रहा था। इसको स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू करा दी गई। इसका टेंडर हो जाने के बाद जल्द ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। यह करीब चार फुट तक मार्ग ऊंचा होगा।
खन्नौत नदी के क्षेत्र पर नहीं दिया ध्यान
गर्रा नदी में आने वाली बाढ़ को रोकने के लिए प्रशासन ने तैयारी की है। खन्नौत नदी से प्रभावित क्षेत्र पर बचाव कार्य नहीं शुरू हो रहे हैं। इसको लेकर प्रशासन ने कोई कार्ययोजना नहीं प्रस्तावित की है। बाढ़ आने पर प्रशासन सक्रिय हो जाता है, लेकिन पानी थमने के साथ ही प्रशासन भी भुला देता है। लोगों का कहना है कि अगर समय से इंतजाम कर लिए जाएं तो शहर को बाढ़ से बचाया जा सकता है।
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वर्जन-
- ककरा पुल को ऊंचा करने का प्रस्ताव शासन में लंबित है। मौजमपुर नहर मार्ग को ऊंचा करने का टेंडर हो गया है। जल्द वहां पर काम शुरू करा दिया जाएगा। बाढ़ से बचाव के अन्य इंतजाम भी समय रहते पूरे कर लिए जाएंगे।
धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम