फलों-सब्जी को उगाने के लिए अलग इंतजाम
डॉ.साजिद के बगीचे के अलावा मकान के सामने एक प्लॉट पड़ा है। यहां पर फलों व सब्जी को उगाने का इंतजाम है। संतरा, नीबू, अमरूद, लीची, चेरी, आम, शरीफा, जामुन के अलावा लौकी, तुरई समेत कई तरह की सब्जी भी उगाते हैं। डॉ.साजिद बताते हैं कि किसी भी पौधे को लगाने के बाद मोबाइल एप पर अध्ययन करते हैं। उसकी जानकारी के बाद ही निराई-गुड़ाई की जाती है।
पशु प्रेमी भी हैं डॉ.साजिद
प्रोफेसर साजिद सिर्फ पर्यावरण प्रेमी ही नहीं है, बल्कि वह पशु प्रेमी भी हैं। कुछ दिन पहले उन्हें गिलहरी का बच्चा सड़क किनारे पड़ा मिल गया था। वह उसे उठा लाएं और देखभाल की। नाम रखा गिल्लू। उसे निप्पल से दूध को पिलाते हैं। उसके लिए एक छोटा सा पिंजरा बनाने के साथ ही लेटने के लिए कपड़े का बिस्तर भी बना है। गिल्लू साजिद के परिवार का हिस्सा है।
तीन हजार पौधे रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
सामाजिक संस्था मानवता वेलफेयर सोसाइटी पिछले चार साल से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रही हैं। संस्था की ओर से करीब तीन हजार पौधे लगाकर आम लोगों को संरक्षण के प्रति जागरूक किया है।
संस्था के संस्थापक अमित श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान चलाकर विभिन्न स्कूलों, कॉलोनियों, पार्कों, सरकारी दफ्तरों और स्लम इलाकों में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। सिर्फ पौधे नहीं लगाए बल्कि उन्हें संरक्षित भी किया, ताकि वे पेड़ बने और आने वाले वर्षों में समाज को उसका लाभ मिल सकें। संस्था ने ‘एक व्यक्ति-एक पौधा’ का संदेश देकर युवाओं और बच्चों को अभियान से जोड़ा।