खुटार। खुटार वन रेंज में पेड़ों का कटान नहीं रुक रहा है। कटान अधिकारियों की नजर से बचा रहे और जांच में न फंसे, इसलिए लकड़ी माफिया अब पेड़ काटने के बाद जड़ भी खोद कर गायब कर रहे हैं।
कुछ माह पूर्व जंगल में कटान के कई मामले सामने आने के बाद एक वन दरोगा को हटा दिया गया था। इसके बाद कटान रुक गया था। अब फिर से खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट में कोरों और सागौन के कीमती पेड़ों का कटान तेजी से चल रहा है। कुछ वर्ष पहले तक खुटार रेंज के जंगल में रोहनी, महुआ, करौंदा, अर्जुन, बरगद सहित विभिन्न प्रजाति के पेड़ थे। लगातार हो रहे कटान से अब केवल कोरों और सागौन के पेड़ ही रह गए हैं। दोनों ही पेड़ों की लकड़ी काफी कीमती होती है और फर्नीचर आदि में इसका प्रयोग किया जाता है। इस कारण पेड़ों का कटान कर लकड़ी गैर जनपदों तक सप्लाई की जाती है।
होटलों पर तंदूर में जलती है बेशकीमती लकड़ी कोरों और सागौन के पेड़ काटकर उनके छोटे टुकड़े बनाकर होटलों पर बेचा जाता है। होटल पर उसे तंदूर आदि में जलाने के काम में लिया जाता है। अकेले फत्तेपुर बीट से रोजाना साइकिलों से लगभग सौ क्विंटल लकड़ी लाकर बेची जाती है। वनकर्मियों की मिलीभगत के चलते कटान खुलेआम चलता रहता है।
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पांच दिन पहले खड़ा पेड़ गायब, जड़ भी खुदवाई
-फत्तेपुर बीट में कुछ दिन पहले एक पेड़ को काटा जाना था। पहले पेड़ को ऊपर से काट दिया गया। पांच दिन पहले पेड़ आधा कटा खड़ा था। शुक्रवार को उसे काट कर गायब कर दिया गया। पेड़ की जड़ भी खोद ले गए। गड्ढे को मिट्टी से पाट दिया गया। मिट्टी समतल करने के लिए पानी भी डाल दिया गया।
वर्जन
सोमवार को हम स्वयं जंगल का भ्रमण करेंगे। कटान के मामले की जांच की जाएगी। वनकर्मियों की जबावदेही तय होगी। कटान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - दिलीप श्रीवास्तव, एसडीओ वन विभाग शाहजहांपुर
सीन एक- फत्तेपुर बीट में पांच दिन पहले खड़ा पेड़। संवाद