फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुल्तानपुर एक्सप्रेस ट्रेन के शौचालय में फंसा महिला का पैर

Wed, 10 Jan 2018 07:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,शाहजहांपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
अहमदाबाद से सुल्तानपुर जा रही सुपर फास्ट ट्रेन के एस-6 कोच के शौचालय में एक महिला का बायां पैर फंसने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। कंट्रोल से मैसेज पास होने पर बरेली से चली ट्रेन को बुधवार को शाहजहांपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर 12:25 बजे रोका गया। गैस कटर के जरिये बोगी के नीचे शौचालय के पाइप को काटकर कड़ी मशक्कत के बाद महिला का पैर निकाला गया। इस दौरान ट्रेन को एक घंटा पंद्रह मिनट स्टेशन पर रोकना पड़ा। महिला के पैर में आई हल्की चोट पर बैंडेज करने के बाद उसे इसी ट्रेन से रवाना कर दिया गया।
विज्ञापन

अमेठी के थाना मोहनगंज क्षेत्र के गांव निहालगढ़ निवासी राजेंद्र कुमार अहमदाबाद में थाना कंडभा क्षेत्र के गेडाघर स्थित अनाथालय में कर्मचारी हैं। वह सुल्तानपुर एक्सप्रेस ट्रेन से पत्नी राजरानी व दो वर्षीय बेटे वरुन के साथ अपने घर लौट रहे थे। एस-6 कोच में सवार दंपति अपने बच्चे के साथ बुधवार दोपहर को बरेली तक सुरक्षित पहुंच गए। बरेली से ट्रेन रवाना हुई तो रास्ते में राजेंद्र के बेटे वरुन का टॉयलेट लगी। इस पर पत्नी राजरानी बच्चे को लेकर टॉयलेट पहुंचीं तो वहां उनका बायां पैर फिसल गया और शौचालय के पाइप में फंस गया। बेटे ने शौचालय से निकलकर राजेंद्र को जानकारी दी। महिला का पैर शौचालय में फंसे होने की जानकारी मिलने पर बोगी में हड़कंप मच गया। कुछ यात्रियों ने मामले की जानकारी टीटीई को दी। इसके बाद कंट्रोल को मैसेज पास किया गया। कंट्रोल की सूचना पर ट्रेन को बुधवार दोपहर 12:25 बजे शाहजहांपुर प्लेटफार्म नंबर एक रोका गया। यहां बोगी के नीचे से शौचालय का पाइप गैस कटर से काटा गया। तब उसका पैर निकल पाया।

58 मिनट चला ऑपरेशन
प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ट्रेन रुकने के पांच मिनट बाद ही महिला के फंसे पैर को निकालने की कोशिश शुरू हो गई। स्टेशन अधीक्षक ओमशिव अवस्थी की देखरेख में सीनियर सेक्शन इंजीनियर आरपी सिंह टीम के साथ पहुंच गए और गैस कटर के जरिये शौचालय के पाइप को काटने की कोशिश शुरू हुई। लगभग 58 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद वेल्डर अफरोज अहमद ने कूल गैस कटर से शौचालय के पाइप को बीच से लंबाई में काटा फिर उसे फैलाकर महिला का पैर निकाला गया।
विज्ञापन


डर था कि कहीं महिला को खरोंच न आ जाए
पहले शौचालय के पाइप को लोहे के ब्लेड से काटने की कोशिश हुई लेकिन पाइप मोटा होने के कारण उसमें समय लग रहा था। इसके बाद ऑक्सीजन गैस सिलेंडर व एलपीजी गैस सिलेंडर लगाकर पाइप को काटने की कोशिश हुई लेकिन इस तरह से पाइप काटने के दौरान महिला का पैर जल जाने की आशंका थी। तब फिर बिजली कनेक्शन के जरिये वेल्डर अफरोज ने कटिंग मशीन से पाइप को काटा। 

पाइप काटने के अलावा कोई चारा नहीं था
शौचालय में फिसलने के बाद महिला का पैर पाइप के मुड़े हुए हिस्से में जाकर फंस गया था। इसलिए तमाम कोशिश के बाद भी पाइप से पैर नहीं निकल रहा था। मजबूरन पाइप काटना पड़ा। पैर निकल जाने के बाद जीआरपी एसओ राधेश्याम राव ने महिला और उसके पति का नाम पता नोट किया। इसी बीच स्टेशन पर ही रेलवे डॉक्टर ने पैर में मरहम पट्टी की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें