गांव डभौरा सेवा में बुधवार सुबह 23 साल की विवाहिता प्रियंका का शव घर की दूसरी मंजिल पर कमरे में पंखे के कुंडे से लटकता मिला। जानकारी पाकर मृतका के मायके के लोग भी मौके पर पहुंचे और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी। मृतका के चाचा की ओर से पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मृतका के ससुर विश्वनाथ का कहना है कि बहू मानसिक रूप से बीमार थी और उसका इलाज भी चल रहा था। बहू ने खुद ही फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
मृतका के पति विनय ने परिवार के लोगों की मदद से प्रियंका के जीवित होने की आस में उसे फंदे से उतारा और डॉक्टर के यहां ले गए, लेकिन डॉक्टर ने प्रियंका को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दिन में साढ़े नौ बजे मृतका के गांव में ही रहने वाले मायके के लोगों को मामले की जानकारी दी गई। मौके पर पहुंचे मृतका के चाचा रविंद्र शुक्ला ने भतीजी की दहेज के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी। जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। इसके बाद रविंद्र शुक्ला की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। दर्ज रिपोर्ट में रविंद्र शुक्ला ने बताया कि उनके भाई सतीशचंद्र शुक्ला गोरखपुर में काम करते हैं। भाई ने अपनी पुत्री प्रियंका की शादी चार वर्ष पूर्व गांव के ही विनय से की थी। शादी में उचित दान दहेज भी दिया गया था, लेकिन भतीजी के ससुराल के लोग दहेज से संतुष्ट नहीं थे। दामाद विनय, विनय के पिता विश्वनाथ, मां मुन्नी देवी, भाई धीरेंद्र कुमार, धीरेंद्र की पत्नी मालती देवी दहेज में तीन लाख रुपये, सोने की लर की मांग करते रहते थे। कई बार समझाने के बाद भी दहेज की मांग छोड़ने को तैयार नहीं थे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उक्त ने बुधवार को भतीजी को पीटकर और गला दबाकर हत्या कर दी है। एसओ राहुल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।