पहले पुलिस ने दुत्कारा...परिवार के डीएम से मिलने के बाद दौड़े अफसर
शिकायत लेकर कांट थाने पहुंचे पीड़ित परिवार को पुलिस ने दुत्कार दिया। मृत बच्चे को गोद में लेकर परिवार कलक्ट्रेट में पहुंचा। डीएम से मुलाकात के बाद अफसरों ने दौड़भाग शुरू की। महिला को अस्पताल में भर्ती कराकर बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया।
निजी तौर पर सफाई का कार्य करने वाले गुड्डू के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। गुड्डू के परिवार में दस साल की मोहिनी व पांच साल का शिवम है। रवीना का ये पांचवां बच्चा था। उनके दो बच्चों की पूर्व में मौत हो चुकी थी।
वह अपनी पत्नी व दो बच्चों समेत झोंपड़ी में रहता था। गुड्डू के अनुसार, उसकी झोंपड़ी पीडब्ल्यूडी की जमीन पर थी। सोमवार को पुलिस बल झोंपड़ी गिराने पहुंच गया। पत्नी रवीना ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। उनकी झोंपड़ी तोड़ दी।
रोकने पर पत्नी रवीना को धक्का दे दिया। पेट के बल गिरने से दर्द से कराह उठी, लेकिन पुलिस और अन्य अफसरों को दया नहीं आई। वह अपना काम कर चले गए। शाम को गुड्डू लौटा तो पूरा घर अस्त-व्यस्त मिला।
मामले को मैनेज करने में जुटी पुलिस
जिलास्तरीय अधिकारियों तक बात पहुंचने के बाद मामले को मैनेज करने में पुलिस जुट गई है। पुलिस का कहना है कि गुड्डू ने लिखकर दे दिया कि बहकावे में आकर शव को लेकर कलक्ट्रेट तक पहुंच गया था। किसी ने उसे बताया था कि डीएम के पास जाओगे तो पांच लाख का मुआवजा मिल जाएगा।
सिटी मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार ने कहा कि एक महिला बच्चे का शव लेकर डीएम से मिली थी। इसके बाद महिला और उसका परिवार मुझसे मिला था। महिला को राजकीय मेडिकल में भर्ती कराया गया है। बच्चे के पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया चल रही है।
सीओ सदर प्रयांक जैन ने कहा कि जमीन खाली कराने के लिए पुलिस सिर्फ सुरक्षा के लिए गई थी। पूरे प्रकरण की वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। महिला के आरोपों की जांच कराई जाएगी। बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।