फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: शाहजहांपुर में शव गोद में लेकर कलक्ट्रेट पहुंची मां, बोली- पुलिसकर्मी के धक्का देने से मरा गर्भस्थ शिशु

Tue, 26 Aug 2025 03:59 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर में एक महिला शव गोद में लेकर कलक्ट्रेट में पहुंच गई। उसने आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मी के धक्का देने से उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई है। महिला को उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। 
विज्ञापन
कलक्ट्रेट परिसर में खड़ी महिला की गोद में शिशु का शव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली के कांट थाना क्षेत्र के गांव अकर्रा रसूलपुर गांव निवासी गुड्डू की पत्नी रवीना मंगलवार को गोद में शिशु का शव लेकर कलक्ट्रेट पहुंच गई। डीएम से मिलकर महिला ने आरोप लगाया कि झोपड़ी हटाने के दौरान महिला सिपाही ने धक्का देकर गिरा दिया। इससे गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। डीएम ने जांच के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


बरेली मोड़-जलालाबाद हाईवे किनारे अकर्रापुर गांव के बाहर सफाई कार्य करने वाले आठ लोग पीडब्ल्यूडी की जमीन पर झोंपड़ी डालकर परिवार सहित रहते थे। सोमवार दिन में करीब तीन बजे जमीन को खाली कराने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी, तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर गया था।

गुड्डू के अनुसार, वह सफाई कार्य करने गया था। तभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने झोपड़ी तोड़ना शुरू कर दी। पत्नी रवीना ने अनुरोध किया कि वह साढ़े सात महीने की गर्भवती है। पति के आने पर वह स्वयं ही सामान हटा लेगी। आरोप है कि उसकी बात सुनकर महिला कांस्टेबल ने जोर से धक्का दे दिया। इससे वह पेट के बल जमीन पर गिर गई। इससे गर्भ में बच्चे की मौत हो गई। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Honey Trap: युवक को होटल में बुलाया...फिर हदें कर दीं पार, युवती समेत पांच गिरफ्तार; पढ़ें इस गैंग की करतूत

महिला को मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती 
रात में प्रसव होने पर मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ। वह शिकायत लेकर थाने गई। वहां से उसे गाली-गलौज कर भगा दिया गया। कलक्ट्रेट में डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने पीड़ित परिवार की बात सुनी। इसके बाद उन्हें सिटी मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार के पास भेज दिया। उनके निर्देश पर महिला को उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

पहले पुलिस ने दुत्कारा...परिवार के डीएम से मिलने के बाद दौड़े अफसर
शिकायत लेकर कांट थाने पहुंचे पीड़ित परिवार को पुलिस ने दुत्कार दिया। मृत बच्चे को गोद में लेकर परिवार कलक्ट्रेट में पहुंचा। डीएम से मुलाकात के बाद अफसरों ने दौड़भाग शुरू की। महिला को अस्पताल में भर्ती कराकर बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया।

निजी तौर पर सफाई का कार्य करने वाले गुड्डू के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। गुड्डू के परिवार में दस साल की मोहिनी व पांच साल का शिवम है। रवीना का ये पांचवां बच्चा था। उनके दो बच्चों की पूर्व में मौत हो चुकी थी।

वह अपनी पत्नी व दो बच्चों समेत झोंपड़ी में रहता था। गुड्डू के अनुसार, उसकी झोंपड़ी पीडब्ल्यूडी की जमीन पर थी। सोमवार को पुलिस बल झोंपड़ी गिराने पहुंच गया। पत्नी रवीना ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। उनकी झोंपड़ी तोड़ दी।

रोकने पर पत्नी रवीना को धक्का दे दिया। पेट के बल गिरने से दर्द से कराह उठी, लेकिन पुलिस और अन्य अफसरों को दया नहीं आई। वह अपना काम कर चले गए। शाम को गुड्डू लौटा तो पूरा घर अस्त-व्यस्त मिला।

पुलिस ने नहीं की थी सुनवाई 
पत्नी व बच्चों के लिए तिरपाल तानकर सिर छिपाने की व्यवस्था की। रात में रवीना को प्रसव पीड़ा हुई। महिला ने प्रसव कराया तो बच्चा मृत पैदा हुआ। परिवार में मातम छा गया। बच्चे की मौत पर परिजन थाने में शिकायत लेकर पहुंचे। वहां किसी ने एक न सुनी और भगा दिया। वहां से परिवार सीधे कलक्ट्रेट पहुंचा।

अफसरों ने उनके दर्द को समझा और कुछ इंतजार के बाद पीड़ित परिवार की मुलाकात डीएम से कराई। डीएम ने संज्ञान लिया, तब अफसर दौड़े। तुरंत ही महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस भी सक्रिय हुई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। 
 
विज्ञापन

मामले को मैनेज करने में जुटी पुलिस
जिलास्तरीय अधिकारियों तक बात पहुंचने के बाद मामले को मैनेज करने में पुलिस जुट गई है। पुलिस का कहना है कि गुड्डू ने लिखकर दे दिया कि बहकावे में आकर शव को लेकर कलक्ट्रेट तक पहुंच गया था। किसी ने उसे बताया था कि डीएम के पास जाओगे तो पांच लाख का मुआवजा मिल जाएगा।

सिटी मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार ने कहा कि एक महिला बच्चे का शव लेकर डीएम से मिली थी। इसके बाद महिला और उसका परिवार मुझसे मिला था। महिला को राजकीय मेडिकल में भर्ती कराया गया है। बच्चे के पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया चल रही है।

सीओ सदर प्रयांक जैन ने कहा कि जमीन खाली कराने के लिए पुलिस सिर्फ सुरक्षा के लिए गई थी। पूरे प्रकरण की वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। महिला के आरोपों की जांच कराई जाएगी। बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें