बंडा। दवा लेकर घर लौट रहे गांव पिपरिया हरिश्चंद्र के 35 वर्षीय कुलदीप की बाइक छुट्टा पशु से टकरा गई। हादसे में कुलदीप, उनकी पत्नी कन्यावती और पुत्र घायल हो गए। कन्यावती की इलाज के दौरान बरेली में मौत हो गई।
कुलदीप अपनी पत्नी 32 वर्षीय पत्नी कन्यावती और 11 वर्षीय पुत्र रचित को लेकर शुक्रवार को दवा दिलाने बंडा आए थे। देर शाम बाइक से वापस घर जाते समय बंडा-बिलसंडा मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास उनकी बाइक के सामने अचानक छुट्टा पशुओं का झुंड आ गया। कुलदीप की बाइक एक पशु से टकराकर सड़क पर गिर गई। कन्यावती पुत्र सहित बाइक से नीचे जा गिरी और कुलदीप बाइक के साथ काफी दूर तक घिसटते चले गए। घायल कुलदीप, कन्यावती और उनका पुत्र काफी देर तक मौके पर ही पड़े रहे। पुलिस ने घायलों को बंडा सीएचसी पर भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर कन्यावती को सीएचसी से रेफर कर दिया गया था। परिवार के लोग उनको बरेली के निजी अस्पताल में ले गए। वहां कन्यावती की मौत हो गई। कुलदीप और रचित का इलाज चल रहा है। मामले में अभी पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है।
बुधवार रात किसान की हुई थी मौत
सात सितंबर की रात गांव बिरहना खुर्द निवासी किसान 28 वर्षीय महिपाल खेत पर छुट्टा पशुओं से फसल की रखवाली करने गए थे। रात में पशु भगाते समय एक पशु ने उन पर हमला कर घायल कर दिया था। जानकारी पाकर परिवार के लोग उनको इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए, लेकिन उनकी मौत हो गई।
गांवों से लेकर कस्बों और हाईवे पर घूम रहे पशुओं के झुंड
छुट्टा पशुओं के झुंड गांवों से लेकर कस्बों और हाईवे पर घूम रहे हैं। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं लेकिन जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे हैं। कुछ दिन पूर्व बंडा ब्लॉक परिसर में भाकियू चढ़ूनी गुट ने पशुओं के साथ प्रदर्शन किया था। सिंधौली क्षेत्र के किसान तो तीन ट्रॉलियों में भरकर पशु तहसील लाए थे और परिसर में ही उतार कर चले गए थे। गांव मझिगवां में किसान की धान और तिली की फसल पशु चर गए तो उन्होंने कई एकड़ फसल ही जोत डाली थी। छुट्टा पशुओं से किसान, व्यापारी, राहगीर सभी परेशान हैं, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं।