थाना तिलहर क्षेत्र के गांव गोबरसंडा निवासी रामस्वरूप की बेटी दिव्यांशी ने आरसी मिशन थाना में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि चार माह पूर्व पति से अनबन के बाद अलग हो गई थी। उसके साथ चार साल की बेटी प्रिया थी। इसके बाद उसने मंदिर में कांट के मानपुर गांव के रहने वाले अखिलेश से शादी कर ली। दोनों लोग आरसी मिशन क्षेत्र के मोहल्ला ताहवरगंज में आकर किराए पर रहने लगे। कुछ दिनों तक तो ठीक-ठाक रहा फिर अखिलेश हदें पार करने लगा। दिव्यांशी पर गैर मर्दों से संबंध बनाने का दबाव डालता और विरोध पर चार साल की बेटी प्रिया को बेरहमी से पीटता था।
आरोप है कि चार मई की सुबह सात से आठ बजे के बीच अखिलेश ने दिव्यांशी को नशीला पदार्थ पिला दिया और प्रिया की पीट-पीट कर हत्या कर दी। इसके बाद इलाज के बहाने कार में डालकर दिव्यांशी और प्रिया को अपने गांव मानपुर ले गया। यहां खेत में प्रिया का शव गाड़ दिया और दिव्यांशी को अपनी बहन रजनी के घर फर्रुखाबाद के कायमगंज छोड़ आया। आरोप है शव को गाड़ते समय ससुर सुरेंद्र और सास तारा भी मौजूद थे। इसके बाद अखिलेश दिव्यांशी को रोहतक ले गया और वहां छोड़कर भाग गया। दिव्यांशी को उसका चचेरा भाई सुनील लेकर आया और कांट पुलिस को तहरीर दी।
तब कांट पुलिस ने जांच शुरू की तो बच्ची की हत्या का मामला उजागर हुआ। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले में पति अखिलेश, सास तारा, ससुर सुरेंद्र, जेठ मुन्ना, जेठानी रीता, देवर सुमित व अमित, ननद रजनी, ननदोई अनुज समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि बच्ची के शव को खेत से निकालने के लिए टीम का गठन किया गया है। घटनास्थल सील कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को शव को निकलवाकर पोस्टमाॅर्टम कराया जाएगा। मुख्य आरोपी अखिलेश हिरासत में है। उससे पूछताछ की जा रही है।