शाहजहांपुर/भिवाड़ी। खुटार थाना क्षेत्र के गांव नवदिया नवाजपुर निवासी हंसराम उर्फ सूरज की हत्या उसकी पत्नी लक्ष्मी ने अपने प्रेमी जितेंद्र के साथ मिलकर की थी। 16 अगस्त को गला काटकर हत्या करने के बाद शव नीले ड्रम में छिपा दिया था। शव गलाने के लिए आरोपियों ने नमक भी डाला।
वारदात के बाद आरोपी जितेंद्र और लक्ष्मी लापता थे। उन्हें पुलिस ने सोमवार को राजस्थान में अलवर के रामगढ़ में ईंट-भट्ठे से पकड़ लिया। एसपी मनीष कुमार चौधरी ने बताया कि खैरथल-तिजारा जिले की आदर्श नगर कॉलोनी के एक मकान की छत पर बने कमरे में रविवार को नीले ड्रम में हंसराम का शव मिला था।
मकान मालकिन मिथिलेश ने बताया कि उनका बेटा जितेंद्र कुमार शहर के एक ईंट-भट्ठे पर मुनीम का काम करता है। वहीं पर मजदूरी करने वाले हंसराम और उसकी पत्नी लक्ष्मी को करीब डेढ़ माह पहले जितेंद्र ने किराये पर रहने के लिए कमरा दिलाया था। खैरथल तिजारा जिले से 27 किलोमीटर दूर कोटकासिम कस्बे के पुर गांव में जितेंद्र का खुद का ईंट-भट्ठा था। हालांकि कई साल पहले भट्ठा बंद हो गया था। पुलिस को जांच में पता चला है जितेंद्र के लक्ष्मी से अवैध संबंध थे। दोनों ने हंसराम को रास्ते से हटाने के लिए उसकी गला रेतकर हत्या की और नीले ड्रम में शव छिपा दिया था। एसपी ने बताया कि पुलिस की चार टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। दोनों आरोपियों से पूछताछ चल रही है। संवाद
आधी रात को आई मनहूस खबर, मां बोली- बहू से कभी नहीं हुआ झगड़ा
चांदपुर (शाहजहांपुर)। राजस्थान प्रदेश के खैरथल तिजारा जिले की आदर्श नगर कॉलोनी में खुटार थाना क्षेत्र के गांव नवदिया नवाजपुर निवासी हंसराम (36 वर्ष) का शव नीले रंग के ड्रम में मिला है। ड्रम को मकान मालिक से उसकी पत्नी लक्ष्मी मांगकर ले गई थी। दुर्गंध आने पर राज खुलने पर राजस्थान पुलिस ने खुटार पुलिस से संपर्क साधा। आधी रात में बेटे की हत्या की मनहूस खबर से परिवार में कोहराम मच गया। मां उर्मिला ने बताया कि बेटे का कभी बहू से कोई विवाद नहीं हुआ था। क्या हुआ है, कुछ पता नहीं है।
खेतीबाड़ी करने वाले खेमकरन उर्फ पप्पू का पुत्र हंसराम कश्यप भट्ठे पर मजदूरी करता था। यहां काम नहीं मिलने के चलते कई वर्ष पहले वह मजदूरी करने दिल्ली और वहां से राजस्थान चला गया था। वह भट्ठे पर मजदूरी करता था और साल में एक बार ही घर आता था।
करीब 15 दिन पहले मां उर्मिला देवी से उसने बात कर रक्षाबंधन पर परिवार समेत घर आने का वादा किया था। उसके बाद से उससे परिजन की बात नहीं हुई। हंसराम की हत्या के बाद राजस्थान पुलिस ने खुटार पुलिस से संपर्क साधा। रविवार रात पुलिस ने प्रधान के जरिये हंसराम की हत्या की खबर मृतक के परिजनों को भिजवाई। इससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
पिता खेमकरन, मां उर्मिला, बहन ममता और विमला बिलख पड़ीं। चीख-पुकार से गांव के तमाम लोग उनके घर के बाहर एकत्र हो गए। रात में ही पिता खेमकरन, बहन विमला कश्यप व गांव के डॉ. रमेश वर्मा राजस्थान के लिए रवाना हो गए। मृतक की मां उर्मिला देवी ने बताया कि करीब 12 साल पहले हंसराम की शादी पीलीभीत जिले के थाना हजारा के विजयनगर निवासी लक्ष्मी देवी से हुई थी।
यहां काम नहीं मिलने के चलते वह पत्नी व तीन बच्चों के साथ राजस्थान में चला गया था। हत्या के बाद से पत्नी व मकान मालिक का बेटा जितेंद्र भागे हुए हैं। मां उर्मिला देवी ने बताया कि बहू से हंसराम का कोई विवाद नहीं था। दोनों एक-दूसरे को काफी चाहते थे।
नीले रंग के ड्रम में मिला था शव, गलाने के लिए डाला था नमक
हंसराम के परिवार में दस वर्षीय बेटा हर्षल, छह वर्ष और छह महीने की बेटी है। वह किराये के मकान में रहता था। बताते हैं कि हंसराम का गला घोंटकर हत्या की गई। इसके बाद मकान मालिक से ड्रम मांगकर शव को उसमें डालकर नमक डाल दिया गया। जिससे शव गल जाए। दुर्गंध फैलने पर राज खुला। न लक्ष्मी देवी का कुछ पता चल रहा है और न ही मकान मालिक जितेंद्र के बारे में कोई जानकारी है। जयपुर की पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नवदिया गांव के युवक की हत्या के मामले की जानकारी है। इस संबंध में अभी राजस्थान की पुलिस ने संपर्क नहीं किया है।
-प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां