पांचवीं के बच्चों को नहीं मालूम कि मुख्यमंत्री कौन
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (उ.प्र.) तबस्सुम खान शुक्रवार को जिले में औचक निरीक्षण पर प्राइमरी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि पर पहुंचीं। अकर्रा रसूलपुर में प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में चौथी व पांचवीं के बच्चे यह नहीं बता सके कि जिले का सबसे बड़ा अधिकारी कौन होता है और प्रदेश के मुख्यमंत्री कौन हैं। उन्होंने पाया कि बच्चों का सामान्य ज्ञान न के बराबर है।
वहीं के आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते हुए पाया कि केंद्र पर 18 गर्भवती महिलाएं एवं 3 अतिकुपोषित बच्चे हैं। उन्हें पोषाहार हौसला पोषण मिशन के अंतर्गत मिल रहा है। इसके बाद वह सीएचसी ददरौल पहुंचीं। पाया कि प्रसव हेतु दो महिलायें आई थीं जिन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया। इस पर उन्होंने कहा कि यदि प्रसव हेतु सभी महिलाओं को जिला अस्पताल ही भेजा जायेगा तो सीएचसी होने का क्या मतलब हुआ। उन्हें वहीं पूरी सुविधा मिलनी चाहिए।
फिर उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कांट का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में बच्चियों की पढाई एवं आवास सुविधा का भी अवलोकन किया। रास्ते में उन्होंने पाया कि स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाहन ओवरलोडेड हैं। एक वैन में कई बच्चे बैठाये गये हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहन वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाय। तीसरे पहर राष्ट्रीय बाल गृह (बालक) का निरीक्षण करते हुए उन्होंने पाया कि कक्षों में हवादार कक्ष नहीं है जिससे सफोकेशन महसूस हो रहा है। उन्होंने इसे सुधारने को कहा।