शाहजहांपुर। प्रमुख चौराहों पर यातायात को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से लगवाए गए प्लास्टिक शंकु विभाजक को वाहन चालकों ने तोड़ डाला। कुछ चौराहों पर डिवाइडर पूरी तरह से गायब हो गए हैं। व्यवस्था को बनाने के लिए हाईवे पर रखे जाने वाले अस्थायी पत्थर के डिवाइडर को रखने की तैयारी है। नगर निगम इस कार्य के लिए 20 लाख रुपये खर्च करेगा।
आईटीएमएस वाले चौराहों पर दो महीने पहले पुलिस ने सुगम यातायात और खतरों से बचाने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए थे। वाहनों को अपनी लेन में रखने के लिए प्लास्टिक के कोन डिवाइडर (प्लास्टिक शंकु विभाजक) रखवाए गए थे। कुछ स्थानों पर लोहे के डिवाइडर भी लगाए थे। अंजान चौकी के पास डिवाइडर के ऊपर लाइट सिग्नल लगाकर हादसों से बचाने का प्रयास किया था।
दो महीने के अंदर ही व्यवस्था पटरी से उतर गई। सिग्नल को रात में वाहन की टक्कर लगने से टूटने के बाद अंजान चौकी के पास रख दिया। इसी तरह कवि तिराहे पर कोन डिवाइडर गायब हो गए हैं। जीआईसी तिराहे और राजघाट चौकी के पास डिवाइडर टूट गए हैं। इनके टूटने के बाद व्यवस्था पहले की तरह हो गई। वाहनों को अपनी लेन में रखने के लिए यातायात पुलिस नगर निगम के सहयोग से नया प्रयोग करेगा। इसके तहत हाईवे के बीच में रखे जाने वाले पत्थर के डिवाइडर प्रमुख चौराहों पर रखवाए जाएंगे। यातायात पुलिस के एस्टीमेट देने के बाद अस्थायी डिवाइडरों के लिए नगर निगम ने दस-दस लाख रुपये की दो निविदा की हैं। इसी महीने में पत्थर के डिवाइडर चौराहों पर रखवा दिए जाएंगे।
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पक्के डिवाइडर बनाने पर नहीं बन सकी सहमति
-अंजान चौकी के पास बने पक्के डिवाइडर को बनाने की योजना पर सहमति नहीं बन सकी है। अफसरों ने प्रस्ताव रखा था कि दीवार की तरह पक्के डिवाइडर बना दिए जाएं, पर सड़कों के चौड़ीकरण होने के चलते बनाने पर पेंच फंस गया है।
कुछ देर बंद होने के बाद शुरू हो गए आईटीएमएस
-सोमवार को तकनीकी कमी के चलते कुछ समय के लिए आईटीएमएस को बंद कर दिया गया था। बताते हैं कि यहां पर वायरिंग में दिक्कत आने से दो दिन चालान बाधित रहे हैं। मंगलवार को फिर से इसे शुरू करा दिया गया है। कवि तिराहा, जीआईसी, राजघाट, सुभाष चौराहा समेत अन्य चौराहों पर फिर से चालान शुरू कर दिए गए हैं।
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वाहन चालकों ने कोन डिवाइडर तोड़ दिए हैं। उनकी जगह पर पत्थरनुमा डिवाइडर रखे जाएंगे। इसके लिए निविदा प्रक्रिया नगर निगम कर रहा है। सड़कें चौड़ी होने तक अस्थायी व्यवस्था के तहत रखवाए जाएंगे।
संजय कुमार, सीओ यातायात