शाहजहांपुर। गोपाष्टमी पर मोहल्ला आनंदपुरम कॉलोनी में महिलाओं ने गोमाता का पूजन-अर्चन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नैमिषधाम से पधारे आचार्य आशीष वाजपेयी के वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। आचार्य ने गोपाष्टमी बारे में बताया कि यह वह पावन दिवस है, जब भगवान श्रीकृष्ण ने प्रथम बार गोसेवा और गोचराण का कार्य आरंभ किया था।
गोपाष्टमी हमारी संस्कृति की आत्मा है। जो हमें सेवा, करुणा, संवेदना और सद्भाव की सीख देती है, जहां गो का सम्मान होता है वहां सदैव शांति, सुख और उन्नति का वास होता है। इस दौरान गिरीश चंद्र मिश्रा, सुमन अग्निहोत्री, रंजना सिंह, मधु श्रीवास्तव, अनीता मिश्रा, ममता सहित कॉलोनी के अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
गोपाष्टमी पर गोष्ठी का आयोजन
शाहजहांपुर। पुराने जिला अस्पताल परिसर स्थित इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के कार्यालय पर अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन में आयुर्वेद चिकित्सकों ने गोपाष्टमी पर गोष्ठी का आयोजन किया। सचिव डॉ.विजय जौहरी ने कहा कि आयुर्वेद की दृष्टि में गोपाष्टमी को गायों के पोषण और स्वास्थ्य से जोड़ा जाता है। इन्हें आयुर्वेद में गोमाता के रूप में पूजा जाता है।
गायों को प्राकृतिक का एक महत्वपूर्ण अंश माना जाता है। गाय के दूध, दही, घी, गोमूत्र व गोबर से मिलकर पंचगव्य बनता है। इसका धार्मिक और पारंपरिक आयुर्वेद चिकित्सा में विशेष महत्व है। जौहरी ने कहा कि गायों में सर्दी से बचाव के लिए सेवा भाव से निजी स्तर पर गोशाला संचालकों को रेडक्रॉस के त्रिपाल उपलब्ध कराए जाएंगे। इस मौके पर डॉ.राजेंद्र कुशवाह भी मौजूद रहे। संवाद
गोसेवक को सम्मानित किया
शाहजहांपुर। गोपाष्टमी पर गोसेवा केंद्र ऋषि आश्रम मार्ग इंद्रानगर में गोपूजन किया गया। इस मौके पर गोसेवक मदनलाल को तिलक लगाकर कान्हा गो वत्सल पटका पहनाया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र, भारतीय गो दर्शन पुस्तक व सर्वदेवमयी गोमाता का चित्र भेंटकर सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के क्षेत्र गोसेवा अध्यक्ष कृष्ण कुमार सक्सेना,राष्ट्रीय महिला की जिला प्रभारी शशि सक्सेना, ओजस्वनी, आद्या कृष्ण आदि मौजूद रहे। संवाद