पुवायां (शाहजहांपुर)। माफिया और क्रय केंद्र प्रभारी सिस्टम पर हावी हैं, जिससे किसान बेहद परेशान है। सूखे धान क्रय केंद्रों से नमी बताकर लौटाए जा रहे हैं, जिससे मजबूर किसान सस्ते में अपने धान माफिया को बेच रहे हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों का खेल शुक्रवार को पुवायां में उस समय साफ हो गया जब लौटाए गए धान को एसडीएम और तहसीलदार ने दोबारा चेक कराया। किसानों के जो धान क्रय केंद्रों से नमी अधिक बताकर लौटा दिए गए थे, उनमें तहसीलदार के दोबारा चेक कराने 12 से 14 प्रतिशत नमी निकली। इस पर भाकियू नेताओं ने हंगामा किया। इसके बावजूद केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पुवायां मंडी समिति परिसर में नौ खरीद केंद्र हैं। मंडी में धान के तमाम ढेर लगे हुए हैं। किसानों का आरोप था कि सेंटर इंचार्ज नमी ज्यादा बताकर धान नहीं खरीद रहे हैं, जबकि वे छह-सात दिनों से धान को सुखा रहे थे। जानकारी पाकर भाकियू के मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह, जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह, अनिल सिंह यादव कार्यकर्ता समेत मौके पर जा पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने प्रशासन और सेंटर इंचार्जों के खिलाफ नारेबाजी की। इसका पता लगने पर एसडीएम दशरथ कुमार, तहसीलदार तृप्ति गुप्ता मौके पर जा पहुंचे और क्रय केंद्र प्रभारियों को बुलाकर धान की नमी चेक कराई। दोबारा अफसरों के सामने चेक होने पर किसी के धान में नमी 12 तो किसी के में 14 प्रतिशत पाई गई। अजीत सिंह ने कहा कि सरकार ने 17 प्रतिशत नमी तक धान खरीदने के निर्देश दे रखे हैं तो 12 से 14 प्रतिशत की नमी वाला धान क्यों नहीं खरीदा जा रहा है?
पीलीभीत तर्ज पर हो धान खरीद
भाकियू और तमाम किसानों ने पीलीभीत के डीएम की तारीफ करते हुए कहा कि शाहजहांपुर के जिलाधिकारी को भी धान खरीद की हकीकत मौके पर आकर परखनी चाहिए और पीलीभीत की तर्ज पर खरीद की व्यवस्था करानी चाहिए। पुवायां तहसील में धान खरीद में माफिया हावी हैं और किसानों को सेंटरों से टरकाया जा रहा है।
भाकियू ने पकड़ा तो भाग निकला दलाल
भाकियू के हंगामे और एसडीएम के मौके पर पहुंचने के बीच एक दलाल किसानों से कहने लगा कि बेवजह हंगामा करने से कुछ नहीं होगा। धान खरीद ठीक चल रही है। इस पर किसान भड़क उठे और दलाल से भिड़ गए। लोगों ने दलाल को पकड़ लिया, लेकिन वह मौका पाकर भाग निकला।
मंडी में लगा धानों का अंबार
भाकियू के हंगामे के बीच एक और अहम बात सामने आई। मंडी में धान के ढेर लगे हैं, लेकिन किसान दस से बाहर ढेरों के पास ही मिले। भाकियू कार्यकर्ताओं ने एसडीएम से कहा कि सभी ढेरों के पास किसानों को पहुंचने के लिए कहा जाए और उनके कागज चेक किए जाएं, लेकिन एसडीएम ने शाम को मामले को दिखवाने की बात कहते हुए ढेर चेक नहीं कराए।
कहां गए लेखपाल
एसडीएम के अनुसार प्रत्येक सेंटर पर एक एक लेखपाल को तैनात कर धान खरीद सही तरीके से कराने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन शुक्रवार को मंडी में सेंटरों का मुआयना किए जाने के दौरान एक भी लेखपाल सेंटरों पर मौजूद नहीं मिला। इससे साफ है कि लेखपाल अधिकारियों के निर्देशों को मानने की जरूरत ही नहीं समझते हैं। इस कारण सेंटर इंचार्ज पूरी तरह से मनमानी पर उतारू हैं।
तीन दिन पूर्व हर क्रय केंद्र पर एक एक लेखपाल की तैनाती की गई थी। लेखपालों का काम धान बिक्री में किसानों की मदद करना था। मंडी परिसर में निरीक्षण में जो कमियां सामने आई हैं, उसमें शाम को सेंटर प्रभारियों की बैठक कर सेंटर आने वाले हर किसानों से धान खरीद के निर्देश दिए जाएंगे।
- दशरथ कुमार, एसडीएम, पुवायां