गेहूं का समर्थन मूल्य पाने के लिए क्रय केंद्रों पर किसानों को भुगतान मिलने में देरी होने पर संबंधित केंद्र प्रभारी जवाबदेह माने जाएंगे और उनके ही विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। यह चेतावनी डीएम विजय किरन आनंद ने सोमवार को गांधी भवन सभागार में गेहूं खरीद की समीक्षा बैठक में अधीनस्थ अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को दी। डीएम विजय किरन ने कहा कि सभी केंद्र प्रभारी अधिकतम खरीद कराना सुनिश्चित करें। क्रय केंद्र पर जो भी किसान गेहूं लेकर आएं, उनके गेहूं की नियमानुसार तौल कराकर तत्काल भुगतान किया जाए। भुगतान में किसी भी किसान से कोई कटौती नहीं की जाएगी। खरीद लक्ष्य की पूर्ति समय से करने वाले केंद्र प्रभारी पुरस्कृत किए जाएंगे। मगर लक्ष्य पूर्ति में दिलचस्पी न लेने वाले केंद्र प्रभारियों को दंडित किया जाएगा। इस वर्ष 1.76 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष जिले में अब तक 42622.75 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। यह भी पता चला कि जलालाबाद में एसएफसी क्रेद्र पर बेहतर खरीद की गई है। इस पर डीएम ने जलालाबाद के केंद्र प्रभारी को पुरस्कृत करने के निर्देश दिए। पीसीएफ के केंद्र प्रभारियों ने बताया कि धन के अभाव में किसानों का भुगतान लंबित है। इस कारण गेहूं की खरीद भी बाधित हो रही है। इस पर डीएम ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को निर्देश दिया कि अपने केंद्र प्रभारियों के साथ अलग बैठक करके मांग के अनुरूप धनराशि तत्काल उपलब्ध कराएं। गोदामों में गेहूं उतार के लिए आने वाले ट्रकों का जमावड़ा न लगे। इसके लिए डीएम आनंद ने एफसीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक को पर्याप्त संख्या में ट्रकों से गेहूं की अनलोडिंग कराने के निर्देश दिए। बैठक में केंद्र प्रभारियों समेत सभी क्रय एजेंसियों के प्रभारी, सभी एसडीएम, तहसीलदार आदि मौजूद रहे।