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Shahjahanpur News: लक्ष्य के सापेक्ष दो प्रतिशत भी नहीं हुई गेहूं की खरीद

Fri, 16 Jun 2023 01:01 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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पुवायां मंडी में सेंटर के नाम पर टंगे बैनर। संवाद
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शाहजहांपुर। तमाम प्रयासों और प्रशासन के दावों के बावजूद गेहूं की सरकारी खरीद नगण्य ही रही। लक्ष्य के आसपास तो दूर सरकारी गेहूं की खरीद दो प्रतिशत से भी ऊपर नहीं पहुंच सकी। प्रशासन की ओर से खरीद में तेजी लाने के लिए घर-घर जाकर गेहूं खरीद के लिए मोबाइल टीमें लगाई गईं थीं। इसके बावजूद कोई फर्क नहीं पड़ा। आढ़त पर सरकारी क्रय केंद्रों से अच्छा मूल्य मिलने पर किसानों ने सरकारी केंद्रों की ओर रुख नहीं किया।
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जिले में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए डीएम उमेश प्रताप सिंह ने दो सौ क्रय केंद्रों को गेहूं खरीद की स्वीकृति दी थी। खरीद के लिए सात एजेंसियों को लगाया गया था। इनमें आरएफसी, पीसीएफ, यूपीएसएस, पीसीयू, एनएएफएफडी, मंडी समिति और एफसीआई शामिल थीं। दो सौ क्रय केंद्रों में से 194 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद हुई। एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद का बृहस्पतिवार को आखिरी दिन था।
लगभग तीन लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष मात्र 5371.7 मीट्रिक टन ही खरीद हुई जो कि मात्र 1.727 प्रतिशत ही रहा। खाद्य विभाग ने 23988, एफसीआई ने 2224, पीसीएफ ने 5429, यूपीएसएस ने 8646, यूपीसीयू ने 8229, मंडी समिति ने 275, नेफेड ने 177 क्विंटल गेहूं खरीद की है। इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य रुपया 2125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था।
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सरकारी क्रय केंद्र 20 दिन पहले ही हो गए बंद
तिलहर। सरकारी गेहूं खरीद के लिए मंडी समिति में विभिन्न एजेंसियों के 23 गेहूं खरीद केंद्र खोले गए। खुले बाजार में गेहूं की कीमत सरकारी रेट से अधिक होने के कारण खरीद केंद्रों पर शुरू से ही सन्नाटा पसरा रहा है। यहां मंडी में लगभग 20 दिन पहले से ही सभी सेंटर बंद पड़े हुए हैं। खरीद लक्ष्य के बारे में सही जानकारी नहीं प्राप्त हो सकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरएफसी के लगे छह खरीद केंद्रों पर लगभग 168 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। वहीं एपीएमसी केंद्र पर मात्र 25 क्विंटल खरीद बताई गई है। यूपीएसएस और पीसीएस केंद्रों पर हुई खरीद का कोई विवरण नहीं मिल सका है।
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गेहूं की खरीद के अंतिम दिन गायब रहे प्रभारी, सेंटर के नाम पर टंगे रहे बैनर
पुवायां। सरकारी गेहूं खरीद के अंतिम दिन कोई भी सेंटर ही नहीं खुला। सेंटरों के नाम पर केवल बैनर लगे मिले। सेंटर बंद होने और प्रभारी नदारद रहने के कारण 15 जून को गेहूं की कोई खरीद नहीं हो सकी। खरीद न होने के कारण कई दिनों से मंडी में सन्नाटा पसरा हुआ था। संवाद
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लक्ष्य के अनुसार गेहूं खरीद नहीं हो पाई, जबकि प्रशासन की ओर से पूरे प्रयास किए गए। घर-घर तक गेहूं खरीदने के लिए मोबाइल टीमें लगाई गईं, लेकिन किसानों को बाजार में समर्थन दाम से अधिक मिला रहा था। इसलिए किसानों ने अधिकतर फसल को बाजार में बेच दिया।
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- त्रिभुवन, एडीएम वित्त एवं राजस्व

पुवायां मंडी में सेंटर के नाम पर टंगे बैनर। संवाद

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