शाहजहांपुर। जनपद के ग्रामीण क्षेत्र में तेज हवा चलने के दौरान कई जगह खेतों में आग लग जाने से गेहूं की फसल जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गई। खुदागंज के पहाड़ीपुर भोपत गांव में खेतों के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन किसानों के लिए उस वक्त आफत बन गई, जब शाॅर्ट सर्किट से गेहूं के कई खेतों में आग लग गई।
खुदागंज। पहाड़ीपुर भोपत गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गांव के उमाचरण के खेत के ऊपर से निकली 11 केवीए की हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी खेत में फसल कटने के बाद गेहूं की बंधी हुई पुलियों पर जा गिरी। उमाचरण ने फसल काट ली थी, लेकिन गहाई के लिए थ्रेसर मशीन नहीं मिलने से गेहूं की पुलियां खेत में ही रखी थीं।
कुछ दूर स्थित मकरंदापुर गांव की पुलिया के पास सत्यप्रकाश गंगवार के खेत में रखी गेहूं की पुलियों में भी आग लग गई। बताया जा रहा है कि यह आग भी हाईटेंशन लाइन में शाॅर्ट सर्किट के कारण फैली।
निगोही। अरेली इस्माईलपुर गांव के लल्ला सिंह के खेत में बृहस्पतिवार को दोपहर करीब 12 बजे अचानक आग लग गई। आग इतनी तेज थी जब तक ग्रामीण आग पर काबू पाते, तब तक लगभग दो बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
कांट। सिकंदरपुुर खुर्द गांव में बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजे विद्युत लाइन में शाॅर्ट सर्किट से कई किसानों की 26 बीघा गेहूं की फसल जल गई। ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा के कारण बुझा नहीं सके। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद कर्मचारी दमकल वाहन लेकर देर से पहुंचे। आग से गांव के प्रताप सिंह और संतोष सहित कई किसानों की फसल जल गई।
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अग्निकांड से प्रभावित किसानों की बात
खेत के ऊपर से हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी से 80 क्विंटल गेहूं जल गया है। जमीन को पट्टे पर लेकर बोआई की थी। अब इस बात की फिक्र है कि खेत मालिक को गेहूं या फिर पट्टे की रकम कहां से दें।
-प्रताप सिंह, सिकंदरपुर खुर्द (कांट)
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एक पैर से विकलांग हूं और एक आंख भी नहीं है। मैने साल भर खाने के लिए गेहूं की फसल बोई थी। आग से तीन बीघा खेत की सारी तैयार फसल जलकर राख बन गई। मेरे परिवार पर भरण पोषण का संकट पैदा हो गया है।
-उमाचरण, पहाड़ीपुर भोपत (खुदागंज)
सिर्फ 10 बीघा खेत है। उसमें गेहूं बोए थे। उम्मीद थी कि उपज बेचने के बाद परिवार के खाने को काफी गेहूं बच जाएगा। अब घर में खाने के लिए भी गेहूं नहीं बचे हैं। प्रशासन को नुकसान से उबारने के लिए आर्थिक मदद देनी चाहिए।
-संतोष, सिकंदरपुर खुर्द (कांट)
कांट के सिकंदरपुरखुर्द गांव में जलती फसल। स्रोत : जागरूक पाठक
कांट के सिकंदरपुरखुर्द गांव में जलती फसल। स्रोत : जागरूक पाठक
कांट के सिकंदरपुरखुर्द गांव में जलती फसल। स्रोत : जागरूक पाठक