शाहजहांपुर। मुमुक्षु आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के दूसरे दिन सोमवार को व्यास संत विजय कौशल महाराज ने प्रभु श्रीराम के वनवास का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रामराज्य एवं शांति सदाचरण से आती है। हमें सम्मान मिलने पर आत्मनिरीक्षण अवश्य करना चाहिए। असत्य से सत्य, अंधकार से प्रकाश एवं भोग से भक्ति की ओर जाने का प्रयास करना चाहिए।
व्यास बोले कि सत्ता का स्वभाव होता है कि अपने दुर्गुण दिखाई नहीं देते, जब कैकेयी ने भरत के लिए राजगद्दी और राम के लिए चौदह वर्ष का वनवास मांगा तो अपने दिए वचन की रक्षा के लिए राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए। वहीं, श्रीराम के साथ लक्ष्मण और माता सीता वन को प्रस्थान कर गए। कथा के बीच भजन राधे-राधे रटो, चले आएंगे बिहारी...पर श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर नृत्य किया। कथा के विश्राम पर आरती एवं प्रसाद वितरण हुआ। इस दौरान महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद, स्वामी सर्वेश्वरानंद, स्वामी हरिदास, रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अमित सिंह, रतन अग्रवाल, राकेश मिश्रा अनावा, पूर्व विधायक देवेंद्र पाल सिंह, विनय मिश्रा, पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज, राकेश श्रीवास्तव, श्रीकृष्ण पांडेय, एसएस कॉलेज के सचिव डॉ. अवनीश मिश्र, प्राचार्य प्रोफेसर आर के आजाद, डॉ. जयशंकर ओझा, डॉ. अनुराग अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
भजन संध्या के दौरान भक्ति रस में डूबे श्रोता
शाहजहांपुर। मुमुक्षु महोत्सव में भजन संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें डाॅ. प्रतिभा सक्सेना ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। रजनी अग्निहोत्री ने जरा देर ठहरो राम तम्मना यही है...गीत पर सबका मन मोह लिया। अंजली मिश्रा ने तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पर बहिलार राघव जी.. भजन सुनाया। इस मौके पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, एसएस कॉलेज के प्राचार्य आरके आजाद, उप प्राचार्य अनुराग अग्रवाल, डाॅ. आलोक सिंह, डा. देवेंद्र सिंह, संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. कविता भटनागर मौजूद रहीं। संवाद
मुमुक्षु आश्रम में श्रीरामकथा का प्रसंग सुनाते व्यास संत विजय कौशल महाराज। संवाद
मुमुक्षु आश्रम में श्रीरामकथा का प्रसंग सुनाते व्यास संत विजय कौशल महाराज। संवाद