महामाई के दरबार से जागरण के लिए आई पवित्र ज्योति को शोभायात्रा के साथ मां ज्वाला जी दरबार लौटने के लिए रवाना कर दिया गया। भक्तों ने बुधवार को ढोल नगाड़ों की थाप और जयकारों के साथ मां को विदा किया।
मां ज्वाला जी जागरण सेवा समिति की ओर से अबकी 14वीं बार देवी जागरण का आयोजन किया गया। हर साल की तरह इस बार भी जागरण के लिए मां ज्वाला जी से पावन ज्योति और माता वैष्णों देवी से पवित्र अमृत कलश लाया गया। 17 अक्तूबर को तृप्ति शाक्या एंड पार्टी के कलाकारों ने सजाए गए इलेक्ट्रानिक दरबार के समक्ष मां का जागरण किया गया। जागरण के बाद पवित्र ज्योति और अमृत कलश को भक्तों के दर्शनार्थ रखा गया। 21 अक्तूबर को हवन के बाद कन्याओं को भोज कराया गया। देर शाम देव प्रतिमाओं की शोभायात्रा के साथ पवित्र ज्योति और अमृत कलश को नगर के विभिन्न मार्गों पर निकाल कर विदाई दी गई। नगरवासियों ने कई स्थानों पर देव प्रतिमाओं पर पुष्पवर्षा कर और ज्योति के समक्ष मत्था टेककर पुण्यलाभ अर्जित किया। शोभायात्रा में तमाम बग्घियां शामिल थीं जिन पर देवताओं के स्वरूप विराजमान थे। इसमें जागरण समिति के सभी सदस्य शामिल रहे।
समिति ने कराया कन्या का विवाह
पुवायां। देवी जागरण के बाद समिति की ओर से गरीब कन्याओं की शादी भी कराई गई। इस दौरान समिति की ओर से वर-वधू को ग्रहस्थी का सामान उपहार में दिया गया। बुधवार को समिति की ओर से नगर के मोहल्ला देवस्थान निवासी उपासना सोनी की शादी बंडा के गांव मोहद्दीनपुर निवासी सोनू कराई गई। पंडित शिवलाल शुक्ला ने विवाह संपन्न कराया। इस दौरान समिति के सभी सदस्य मौके पर मौजूद रहे और वर वधू को आर्शीवाद दिया।