शाहजहांपुर। गर्मी के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस की रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंचने और शुष्क पछुआ हवा चलने से वातावरण में नमी का स्तर घटकर 13 प्रतिशत रह गया था। बुधवार रात में वायुदाब सूचकांक सामान्य से 11 अंक कम हुआ तो ऊंचाई पर बादल छाने से रात में उमस बढ़ गयी। इससे न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री बढ़कर 25.1 डिग्री सेल्सियस हो गया। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार बृहस्पतिवार को बादल छाए रहने के साथ उमस बढ़ने का अनुमान है।
बुधवार को आधी रात से बादलों की परत ऊंचाई पर स्थिर हुई और दक्षिण-पश्चिम हवा की गति बेहद धीमी पढ़ गयी। इससे उमस पैदा हुई तो रात में न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे बुधवार की रात इस गर्मी के सीजन में सबसे गर्म साबित हुई। बृहस्पतिवार को सुबह हवा की गति में मामूली वृद्धि होने से थोड़ी ठंडक का अहसास हुआ, लेकिन सूर्योदय के बाद धूप की किरणें वातावरण की नमी सोखने लगीं। दिन में 10 बजे तक आर्दता घटकर 30 फीसदी रह गयी। इसी के साथ पछुआ हवा में गर्माहट बढ़ने से वातावरण भी गर्म होने लगा। दोपहर दोपहर बजे तक इतनी गर्मी हो गई कि आर्दता का स्तर घटकर 21 फीसदी रह गया और अधिकतम तापमान बीते दिन की तरह 40 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। गर्मी से बचने के लिए रमजान में रोजे रखने वाले अधिकांश लोग घरों के अंदर बने रहे। इस वजह से बाजारों में आवागमन भी बहुत कम रहा।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह वायुदाब में कमी और आर्दता में लगातार गिरावट को गर्मी बढ़ने का मुख्य कारण मानते हैं। उनका कहना है कि बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से चार-पांच अंक अधिक होने की दशा में मध्यम गति से हवा चलने पर धूप की तपिश से थोड़ी राहत मिल सकती है। मगर वायुदाब की कमी हवा की रफ्तार रोकने के साथ बादलों को बुलावा देकर उमस बढ़ा रही है। मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह के अनुसार शाम को वायुदाब में 12 अंक की कमी शुक्रवार को उमस के साथ गर्मी बढ़ने का संकेत दे रही है।