वाटर सप्लाई के लिए अंडरग्राउंड पाइप लाइन में पन्नी लगाने की वजह से बहादुरगंज क्षेत्र की छोटी सब्जी मंडी के करीब एक दर्जन मकान क्षतिग्रस्त हो गए। लंबे समय से पानी लीकेज होने की शिकायत पर पहुंचे जलनिगम के अधिकारियों की टीम ने खुदाई कराई तो सच सामने आ गया। इससे आक्रोशित मकान मालिकों ने ऐसा काम करने वाले जल निगम के अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
जलनिगम के द्वारा बहादुरंगज छोटी सब्जी मंडी में डाली गई अंडरग्राउंड वाटर पाइपलाइन में इंड पाइप (पाइप बंद करने का ढक्कन) की जगह प्लास्टिक पन्नी को ईंट में लगाकर छोड़ दिया गया। यह बात तब सामने आई, जब मंगलवार को जलनिगम के कर्मचारियों के द्वारा वाटर पाइप लाइन को खोदा गया। इससे उससे अंदर ही अंदर पानी बहता रहा, जिससे आसपास के करीब एक दर्जन मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
मकान मालिकों की शिकायत पर सहायक अभियंता हरपाल सिंह, इरशाद अली, ठेकेदार के प्रतिनिधि महिपाल सिंह सहित जल निगम की टीम ने मौके पर जाकर जांच की। क्षतिग्रस्त हुए मकानों के मालिकों राकेश पांडेय, कल्पना पांडेय, राकेश पांडेय, रंगबहादुर गुप्ता, अरविंद कश्यप, प्रमोद गुप्ता, अनिल वाजपेयी आदि ने जांच टीम से इस मामले में कार्रवाई कराने की मांग की।
नगर पालिका ईओ भी
कर चुके कार्रवाई की मांग
इस संबंध में नगर पालिका के जलकल प्रभारी राजेश अस्थाना ने बताया कि यह जल निगम के द्वारा डाली गई पाइप लाइन है। इसलिए पालिका के अधिशासी अधिकारी ने जल निगम के अधिकारियों को इससे संबंधित नोटिस भेज दिया है। साथ ही बंद गली में वाटरपाइप लाइन डालने वाले इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।