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Shahjahanpur News: रामगंगा का जलस्तर बढ़ा...गर्रा में छाेड़ा गया पानी

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अल्हागंज के भरतौली गांव तक पहुंचा रामगंगा नदी का पानी। संवाद
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शाहजहांपुर। जिले में गंगा और रामगंगा नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रहीं हैं। गंगा का जलस्तर कुछ कम हुआ है, लेकिन रामगंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। इससे दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गर्रा नदी में भी 36 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इससे अगले तीन दिन में गर्रा का जलस्तर दो मीटर और खन्नौत का जलस्तर एक मीटर तक बढ़ने का अनुमान है।
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सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शहर में खन्नौत नदी का जलस्तर 85 सेमी बढ़ गया है। वर्तमान में लोधीपुर में खन्नौत नदी का जलस्तर 144.550 मीटरगेज रिकाॅर्ड किया गया है, जबकि खतरे का निशान 145.750 मीटरगेज है। कटना नदी से 1500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो कि गर्रा नदी में मिल रहा है।

इसके अलावा दियूनी बैराज में गर्रा नदी में बृहस्पतिवार को दिन में दो बजे 36801 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अगले तीन दिनों में गर्रा नदी का जलस्तर दो मीटर और खन्नौत नदी का जलस्तर एक मीटर बढ़ने का अनुमान है। प्रशासन की ओर से नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से अपील की गई कि वे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचें।
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डबरी घाट पर रामगंगा का जलस्तर 40 सेमी बढ़ा है। रामगंगा का जलस्तर 137.630 सेमी रिकॉर्ड किया गया है जो कि खतरे के निशान से 330 सेमी ऊपर है। भैसार ढाईघाट तटबंध पर गंगा का जलस्तर 0.010 सेमी कम हुआ है तो गंगा का जलस्तर 143.680 सेमी रिकाॅर्ड किया गया है, जो कि खतरे के निशान से 30 सेमी ऊपर है।



बाढ़ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा

एडीएम एफआर अरविंद कुमार, एसडीएम अभिषेक कुमार, सीओ अजय राय ने तहसील कलान के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। मिर्जापुर के गांव आजाद नगर के बाढ़ प्रभावित तीन सौ परिवारों को खाद्य सामग्री का वितरण किया। इस्लामनगर के गांव में 12 अस्थायी शेल्टर होम बनाए गए हैं। पृथ्वीपुर गांव में कम्युनिटी किचन भी प्रारंभ कर दिया गया है। इसमें बाढ़ पीड़ितों को नाश्ता और खाना वितरित किया जाएगा। मेडिकल टीमें भी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवा का वितरण कर रहीं हैं।


समस्याओं से जूझ रहे बाढ़ से घिरे ग्रामीण

जलालाबाद। रामगंगा और बहगुल नदियों के जलस्तर मे बुधवार रात तक बढ़ोतरी जारी रही। मौजूदा समय में तहसील क्षेत्र में अल्हागंज व जलालाबाद से लेकर ब्लाॅक मदनापुर के तहत आने करीब एक दर्जन गांवों को मिलाकर 65 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। लगातार तीन-चार दिनों से पानी से घिरे गांव के लोगों कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।

बाढ़ से घिरे मंगटोरा, उइला, कोना याकूबपुर, काजरबोझी, हवा मड़ईया आदि गांवों की स्थिति और ज्यादा खराब है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित गांवों खंडहर, रघुनाथपुर, मंगटोरा, शेरपुर चुरुघुटी, मड़ईया गुजरान, तिकोला और मंझरेता में लोगों के आवागमन के लिए एक-एक मोटर बोट के अलावा कसारी में भी मोटर बोट उपलब्ध कराई गई है।

बृहस्पतिवार को तहसील पहुंचे मदनापुर ब्लाॅक के गांव उमस्सड़ के प्रधान ने तहसीलदार को बताया कि गांव स्थित गोआश्रय स्थल पानी से घिरा होने से सूखे भूसे का संकट हो गया है। बहगुल नदी के पार खेत में खड़े चारे को लाने के लिए नाव की व्यवस्था नहीं है। पिछले दिनों तिकोला पुल के आगे एप्रोच रोड के आर-पार करीब सौ मीटर के दायरे में तेज गति से बह रहे पानी के कारण किसी हादसे की आशंका के चलते प्रशासन ने वहां बैरियर लगवा दिया है। साथ ही आवागमन के लिए एक मोटर बोट की व्यवस्था की है।

मोटर बोट छोटी होने के कारण उससे काफी कम संख्या में ही लोग सवार हो पाते हैं, जबकि इस रास्ते से होकर उस पार स्थित एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लोगों का आवागमन होता है। इस कारण घंटों इंतजार करने के बजाय बैरियर लगा होने के बाद भी में लोग बहाव के रास्ते से गुजर रहे हैं। संवाद


रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से गांव भरतौली तक पहुंचा पानी

अल्हागंज। भरतौली गांव में हालात बिगड़ने लगे हैं। पानी बढ़कर अब गांव तक पहुंच गया है। निचले हिस्सों के खेत पूरी तरह डूब चुके हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि हालात का जायजा लेने नहीं आया है। क्षेत्र में ठिंगरी से लेकर मिघौल तक करीब एक दर्जन से अधिक गांव रामगंगा नदी के किनारे हैं। इनमें बाढ़ का खतरा बना हुआ है।


मिर्जापुर में बाढ़ से हालात हुए काफी खराब
कलान। मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा की बाढ़ से हालत बहुत खराब हो चुके हैं। गंगा की खादर में बसे दर्जनों गांवों में पानी पहुंच गया है। गांवों को जोड़ने वाली सड़कें और स्टेट हाईवे पानी में डूब गए हैं। आपातकालीन स्थिति में गांवों में जाने के लिए बस नाव ही एक सहारा है। ग्राम निविया नगला, मुस्तफानगर, कछियाना नगला, मुड़िया खेड़ा, भंवरा नगला, एत्मादपुर आदि में बाढ़ गांवों में जाने वाली सड़क पर तीन फुट पानी बह रहा है। बाढ़ पीड़ित अपने सामान को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों या रिश्तेदारियों में पलायन कर रहे हैं। जलालाबाद-ढाई घाट शमशाबाद हाईवे पर ग्राम ढाई के आगे ग्राम बलदेवपुर से लेकर करीब 10 किमी तक दो से तीन फुट पानी बह रहा है। ग्राम कुटिया के निकट दीप पर पुलिस का बैरियर लगाकर आवागमन पूर्णता रोक दिया है। अधिकतर स्कूल जलमग्न होने से बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है।

अल्हागंज के भरतौली गांव तक पहुंचा रामगंगा नदी का पानी। संवाद

अल्हागंज के भरतौली गांव तक पहुंचा रामगंगा नदी का पानी। संवाद

अल्हागंज के भरतौली गांव तक पहुंचा रामगंगा नदी का पानी। संवाद

अल्हागंज के भरतौली गांव तक पहुंचा रामगंगा नदी का पानी। संवाद

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