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Shahjahanpur News: रामगंगा और गर्रा का जलस्तर स्थिर, तटीय इलाकों में भूमि कटान ने बढ़ाई चिंता

Sat, 20 Jul 2024 06:07 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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टूटी नाव से नदी पार करते परौर के लोग। संवाद
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शाहजहांपुर। कलान तहसील के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर एक सेमी घट गया है। 24 घंटे से रामगंगा और शहर के समीप गर्रा नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है, लेकिन इन दोनों नदियों के कई तटवर्ती गांवों मेें कृषि भूमि का कटान शुक्रवार को भी जारी रहा।
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बीते दिन की तुलना में खन्नौत नदी में भी 25 सेमी पानी कम हुआ है, सिंधौली से भावलखेड़ा क्षेत्र तक किनारे के खेत डूबे होने से किसान चिंतित हैं। परौर क्षेत्र में रामगंगा से कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने क्षेत्रीय सहायक अभियंता को बाढ़ से खिसके जिओ ट्यूब मूल स्थान पर लाने के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष को शुक्रवार सुबह प्राप्त सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से गंगा में निकल रहे पानी की मात्रा 7110 क्यूसेक बढ़ाकर 25060 क्यूसेक कर दी गई है। हालांकि, कलान के भैंसार बांध पर गंगा जलस्तर स्थिर रहने के बाद अब कम हो रहा है। वहीं, बरेली के चौबारी घाट से लेकर जलालाबाद और कलान तहसील तक रामगंगा में जलस्तर स्थिर बना हुआ है। गर्रा का जलस्तर भी स्थिर है, लेकिन उसमें शनिवार तक पानी कम होने का अनुमान है क्योंकि ड्यूनी डैम से रिलीज पानी की मात्रा 6250 क्यूसेक घटकर 2409 क्यूसेक हो गई है।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर ने बताया कि गत एक सप्ताह से बारिश कम हो रही है। परौर क्षेत्र में रामगंगा से भूमि कटान रोकने के लिए अस्थायी ठोकरों के तौर पर लगाए गए रबर के जो जिओ ट्यूब अपने स्थान से हट गए हैं, उन्हें पूर्व अवस्था में लाने के लिए क्षेत्र के सहायक अभियंता और अवर अभियंता को जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए हैं। एक्सईएन के अनुसार जिओ ट्यूब के नीचे बालू की बोरियों का भराव कराकर नीचे से हो रहे भूमि कटान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।

नदियों का जलस्तर (मीटर में) : एक नजर
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नदी खतरे का निशान मौजूदा जलस्तर जलस्तर में वृद्धि/कमी
गंगा 143.65 142.27 - 0.01
रामगंगा 161.50 159.49 स्थिर
गर्रा 148.80 146.00 स्थिर
खन्नौत 145.75 143.35 - 0.25

टूटी नाव के सहारे उफनाई रामगंगा पार कर रहे ग्रामीण
परौर। क्षेत्र में उफनाई रामगंगा से नारायणनगर, मोहनपुर और दहेलिया गांव के पास कृषि भूमि का कटान शुक्रवार को भी जारी रहा। नदी में पानी कम होने के अनुपात में जमीन कटने की रफ्तार भी बढ़ रही है। शुक्रवार को दहेलिया और मोहनपुर के पास करीब दो बीघा खाली पड़ी जमीन कटकर नदी में समा गई। दहेलिया में कटान रोकने के लिए लगाए गए जिओ ट्यूब फटने और उसमें भरी बालू बह जाने से उसके नीचे कटान होने लगा है। जिओ ट्यूब खराब हो जाने की सूचना दिए जाने पर भी उसे ठीक करने अथवा बदलने के लिए अभी सिंचाई विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं गया है। ग्रामीणों को कटान के साथ नदी पार के खेत देखने के लिए टूटी नाव की दोहरी समस्या से जूझना पड़ रहा है। लकड़ी के ढांचे पर टीन लगाकर बनाई गई नाव की तली जर्जर हो जाने से मल्लाह एक साथ ज्यादा लोगों को नहीं बैठा रहा है। संवाद

हरे-भरे बागों समेत गर्रा में समाई 148 बीघा उपजाऊ जमीन
सेहरामऊ दक्षिणी। गर्रा नदी में आई बाढ़ के बाद पानी घटने के साथ ही क्षेत्र के गांवों में भूमि कटान से किसान बहुत परेशान हैं। बीते दो दिन तक उटहा और जलालपुर गांव की जमीनें कटने के बाद गर्रा ने बृहस्पतिवार रात से मियांपुर गौंटिया गांव में किनारे की जमीनों को काट दिया। शुक्रवार शाम तक गौंटिया में 32 किसानों के 20 पेड़ों वाले दो हरे-भरे बाग समेत 148 बीघा जमीनें नदी ने काटकर बहा दीें।

कटान से गांव के श्रीकृष्ण, हेतराम, फत्ते, भाई लाल, राम कुमार, बालक राम, खुशीराम, शिवकुमार, राम दीन आदि किसान ज्यादा प्रभावित हुए है। इसी गांव के ईश्वरी के तीन बीघा और सगे भाई फत्ते व भाई लाल के सात बीघा बाग का सफाया हो गया। जमीनें कटने के साथ वहां बोई गईं गन्ना, उर्द, तिल आदि की खड़ी फसलें भी बह गईं। ग्राम प्रधान ने लेखपाल को सूचित किया है।

टूटी नाव से नदी पार करते परौर के लोग। संवाद

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