पुवायां की भैंसी नदी में बह रही जलधार। संवाद
पुवायां। खोदाई के बाद बारिश होने से 15 साल बाद भैंसी नदी में जलधार बही है। मंगलवार को नदी में पानी बहते हुए गोमती नदी तक पहुंचा।
गोमती की सहायक भैंसी नदी अवैध कब्जों, खनन, जलस्रोत बंद होने और नदी के पास के तालाबों पर अवैध कब्जों के चलते 15 वर्ष से सूखी पड़ी थी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक नदी को पुनर्जीवित करने के आदेश दिए थे। इसके तहत डीएम ने भैंसी नदी का चयन किया था। लोकभारती संस्था भी भैंसी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए अभियान चला रही थी। इसके तहत पदयात्रा भी की गई।
जुलाई में नदी की खोदाई का काम पूरा होने के बाद अब बारिश में नदी में धार बह निकली है। बंडा से लेकर पुवायां तक नदी में जलधार बहते हुए पन्नघाट के पास गोमती नदी तक पहुंची। नदी में पानी का बहाव होने से नदी किनारे रोपे गए पौधे भी सूखने से बच सकेंगे। भैंसी नदी में जलधार बहने से आसपास के गांवों के लोगों और किसानों ने खुशी जाहिर की है। किसानों का कहना है कि जलधार निरंतर बहने की व्यवस्था होने पर सिंचाई आदि की सुविधा हो जाएगी और पर्यावरण संरक्षण भी होगा।