शाहजहांपुर। राजस्थान में हवा के कम दबाव का क्षेत्र फिर से मजबूत होने पर आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने पश्चिमी उप्र मेें मंगलवार से तीन दिन तक सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बुधवार से बारिश के आसार हैं। उनके अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीमी गति से आगे बढ़ रहा है, लेकिन अब अरब सागर में सक्रिय हुए विक्षोभ से पश्चिमी यूपी में विपरीत दिशाओं के बादलों का टकराव होने की दशा में भारी वर्षा की संभावना बढ़ गई है। यह अलग बात है कि बीते दिन सात मिमी बारिश होने के बाद सोमवार सुबह तक इतने बादल नहीं बन सके कि वर्षा की कोई संभावना दिख रही हो। हवा में आर्द्रता बढ़ी होने से शीतलता का अहसास करा रही है, लेकिन दिन में धूप निकलने की वजह से लोगों को खुले स्थानों पर उमस भरी गर्मी परेशान करती रही।
रविवार को सुबह सात मिमी बारिश होने के बाद हवा में नमी शत-प्रतिशत हो गई थी, लेकिन दोपहर में धूप निकलने पर आर्द्रता घटकर 59 फीसदी रह गई। रात में बादल छाए रहने से न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री की मामूली वृद्धि हुई, लेकिन बारिश के असर से आर्र्दता बढ़कर 85 प्रतिशत हो गई। सोमवार को सुबह से बादल छाए रहने और आर्र्दता की वजह से हवा मेें थोड़ी ठंडक रही। इस कारण दिन में अधिकतम तापमान दो डिग्री घटकर 34.5 डिग्री सेल्सियस रह गया, लेकिन जन सामान्य को गर्मी से ज्यादा राहत नहीं मिली क्योंकि बाद में धूप निकलने से उमस बढ़ गई। दिन ढलने के बाद गर्मी में थोड़ी कमी महसूस की गई।
इधर, पर्यावरण विज्ञानी डॉ. विकास खुराना ने आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र और मौसम पर नजर रखने वाली संस्था स्काई मैट की रिपोर्टों के हवाले से बताया कि अरब सागर से उठे मानसूनी बादल यहां तक पहुंचने में 24 से 48 घंटे का वक्त लग सकता है और यह समय बीतने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसूनी बादलों का टकराव होने पर 30 जून सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान है। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने मौसम विभाग की भारी वर्षा की चेतावनी का उल्लेख करते हुए कहा कि बैरोमीटर की रीडिंग में सुबह से शाम तक 12 मिलीबार की वृद्धि को देखते मंगलवार को दिन मेें घने बादल छाने शुरू हो जाएंगे और बुधवार से मानसूनी बरसात के रफ्तार पकड़ लेने के आसार हैं।