शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बृहस्पतिवार का दिन फिर दुर्भाग्यशाली साबित हुआ। भोर में मालगाड़ी का वैगन लादकर लखनऊ से बरेली जा रहा एक कंटेनर हुलासनगरा क्रॉसिंग के हाइटगेज में फंस गया। इस वजह से क्रॉसिंग पर जाम लग गया और अप-डाउन लाइनों पर पीछे से आईं गाड़ियां ठहर गईं। क्रॉसिंग पर जाम से हाईवे के वाहनों को बरेली से बीसलपुर मार्ग पर डायवर्ट किया गया तो उन्हें निगोही के पास कैमुआ नाला पुल के पास लगे जाम में घंटों जूझना पड़ा। हुलासनगरा क्रॉसिंग पर करीब आठ घंटे यातायात ठप रहा।
मीरानपुर कटरा। लखनऊ से बरेली की ओर एक कंटेनर मालगाड़ी का वैगन लेकर बृहस्पतिवार को तड़के करीब तीन बजे हुलासनगरा रेलवे फाटक पार कर रहा था। इसी बीच, रेलवे फाटक के पश्चिमी हाइटगेज में कंटेनर फंस गया। करीब आधा घंटा तक कंटेनर फंसा रहा। इसी बीच, अप और डाउनलाइन पर ट्रेनें भी आकर खड़ी हो गईं। गेटमैन आनंद शर्मा ने बिलपुर और कटरा के स्टेशन अधीक्षक को मेमो भेजकर स्थिति से अवगत कराया। करीब आधा घंटा बाद कंटेनर की ऊंचाई कम करने के लिए उसके पहियों की हवा निकाली गई। इसके बाद ही कंटेनर पास हो सका। आधा घंटा तक ट्रैफिक बंद रहने की वजह से हाईवे पर दिन में करीब 11 बजे तक वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ा।
निगोही में एक घंटा तक जाम रहा पीलीभीत-शाहजहांपुर मार्ग
निगोही। लखनऊ-दिल्ली हाईवे की हुलासनगरा क्रॉसिंग पर जाम के कारण बरेली से बीसलपुर मार्ग पर मोड़े गए वाहन कस्बे के पास आकर सिंगल लेन वाले संकरे कैमुआ नाला पर आकर फंस गए। वहां की दो गल्ला आढ़तों के सामने बेतरतीब ढंग से रोड पर दोनों ओर खड़े वाहन पुलिस स्तर से हटाए नहीं जाने के कारण इतना जाम लगा कि कुछ ही देर में पुल के दोनों वाहनों की कतारें लग गईं। करीब एक घंटे तक पीलीभीत-शाहजहांपुर मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। बाद में भी वाहनों को पुल से रेंगते हुए गुजरना पड़ा।
बता दें कि डबल लेन वाला पीलीभीत-शाहजहांपुर मार्ग लिपुलेख-भिंड राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा है। इस रोड को फोरलेन बनाया जाना प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक सिंगल लेन वाले कैमुआ पुल का दोहरीकरण नहीं हो सका है। इस कारण वहां एक बार में एक दिशा के वाहनों का निकलना संभव है और तब तक विपरीत दिशा के वाहनों को पुल पार करने के लिए वहां ठहराव लेना पड़ता है। बृहस्पतिवार सुबह हुलासनगरा क्रॉसिंग पर जाम लगा तो सीतापुर, लखनऊ की ओर जाने वाले भारी वाहनों को बरेली से बीसलपुर की ओर मोड़ दिया गया। वहां से हाईवे के वाहन कैमुआ पुल को लांघकर दिन में करीब 11 बजे कस्बे की ओर बढ़े, लेकिन रोड के दोनों ओर गल्ला आढ़तों के सामने फुटपाथ धान के ढेर और रोड के किनारे खड़े वाहनों के कारण जाम में फंस गए।
दिन में 11 बजे से जाम लगना शुरू हुआ, लेकिन सूचित करने पर भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। नतीजे में दोपहर 12 बजे तक कैमुआ पुल के दोनों ओर संडा खास चौराहे से लेकर हमजापुर चौराहे तक करीब तीन किमी तक वाहनों की लाइनें लग गईं। इस दौरान महिलाओं और बच्चों को पुल पर पैदल चलना पड़ा और बाइक सवार आसपास के ग्रामीण रास्तों से होकर निकले। बाद में पहुंची पुलिस ने गल्ला आढ़तों के सामने से वाहन हटाकर रास्ता साफ कराया। जाम खुलवाने में पुलिस को पसीने छूट गए, लेकिन पुल पर वनवे व्यवस्था लागू होने से शाम तक यातायात सामान्य नहीं हो सका।