आस नेता हांडा ने 24 घंटे बिजली दिलाने की मांग को लेकर गत 30 जुलाई को कार्यकर्ताओं के साथ रोजा मंडी गेट के पास नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन कर चक्का जाम कर दिया था। फिर गत 21 अगस्त को रोजा थर्मल पॉवर प्लांट के गेट पर प्रदर्शन किया। उसके बाद गत नौ अक्तूबर को गांधीगीरी अपनाते हुए अधिकारियों को गुलाब के फूल भेंट करके अपनी मुहिम याद दिलाई। इस पर भी प्रशासन सक्रिय नहीं हुआ तो हांडा ने विधानसभा के सामने आत्मदाह की घोषणा की और 13 अक्तूबर को लखनऊ कूच कर गए और 16 अक्तूबर को पुलिस ने धर दबोचा तो हांडा ने जहर की गोलियां निगलकर आत्महत्या की कोशिश की। पुलिस ने उनका इलाज कराकर वापस शाहजहांपुर भेजा था।
हांडा ने इस मामले में लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से प्रशासन और पॉवर कारपोरेशन के अफसरों की शिकायत करने की घोषणा कर दी। एलआईयू के अधिकारी मंगलवार को देर शाम उनके रामनगर स्थित आवास पर पहुंचे और उन्हें लखनऊ न जाने को समझाया तो इंकार करने पर रात भर उनके घर के बाहर पुलिस का पहरा बिठा दिया और बुधवार को सुबह कैंट चौकी पर ले जाकर सदर इंस्पेक्टर ने उचित निर्णय का आश्वासन देकर लखनऊ नहीं जाने को राजी किया।