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चरणबद्ध तरीके से पीछे खिसकाए जाएंगे हाईवे पर विराजे हनुमानलला

सार

मंदिर पीछे हटाने आए हरियाणा की कंपनी के कर्मचारी गौतम ने बताया कि वह लगभग डेढ़ सौ जैक, गर्डर और चैनल लाए हैं। इन पटरियों पर ट्रेन के पहियों जैसे रोलर लगाकर उनके सहारे मंदिर परिसर के ढांचे को धीरे-धीरे खिसकाकर पीछे लाया जाएगा। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मंदिर के महंत रामलखन गिरी, अनशन पर बैठे विशाल सिंह, हनुमान महाराज सहित 50 लोगों को शांतिभंग में पांच लाख के मुचलके से पाबंद किया है।
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विस्तार
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शाहजहांपुर/तिलहर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने में आड़े आ रहे कछियानी खेड़ा के हनुमान मंदिर को अत्याधुनिक तकनीक से चरणबद्ध तरीके से पीछे खिसकाया जाएगा। ठेका लेने वाली हरियाणा के भिवानी की जय दुर्गा हाउस लिफ्टिंग एंड शिफ्टिंग कंपनी के कर्मचारी सैकड़ों जैक, लोहे के चैनल आदि सामान लेकर पहुंच गए हैं। मंदिर के पीछे भूमि की सफाई और समतलीकरण का काम शुरू करा दिया।
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मंदिर पीछे हटाने आए हरियाणा की कंपनी के कर्मचारी गौतम ने बताया कि वह लगभग डेढ़ सौ जैक, गर्डर और चैनल लाए हैं। अभी सामान के साथ आठ कर्मचारी आए हैं और देर रात तक ठेकेदार समेत अन्य कर्मचारी यहां पहुंच जाएंगे। शनिवार सुबह से मंदिर के चारों ओर अंदर और बाहर नींव के पास एक-एक फीट गहरी खोदाई कर जैक लगाने का काम शुरू किया जाएगा। हाईवे के समानांतर उस स्थल तक जमीन समतल होनी है, जहां मंदिर प्रतिष्ठित किया जाना है।
मंदिर को भविष्य की आवश्यकता के अनुसार प्रस्तावित सिक्स लेन की सीमा (10.71 मीटर) से बाहर पहुंचाया जाना है। शुक्रवार सुबह एसडीएम राशि कृष्णा, सीओ बीएस वीर कुमार और एनएचएआई के परियोजना निदेशक अमित रंजन चित्रांशी, साइट इंजीनियर आकाश दीक्षित, प्रबंधक नरेंद्र कुमार आदि अधिकारी पुलिस सहित मंदिर स्थल पहुंचे। प्रथम चरण में मंदिर के पीछे एनएचएआई की अधिकृत 31 मीटर भूमि की सफाई कराने का निर्णय लिया। सफाई के लिए मजदूरों ने वहां खड़ी तिल की फसल काट दी। एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी और एसपी ग्रामीण संजीव वाजपेयी दोपहर को मंदिर स्थल पहुंचे। बारिश होने से काम प्रभावित रहा।
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20 दिन में ऊपर उठेगा मंदिर का ढांचा
हनुमान लला की मूर्ति सहित मंदिर परिसर को पीछे खिसकाने के लिए पहले चरण में मंदिर परिसर को जैक लगाकर चारों ओर से लोहे के चैनल से बांधा जाएगा। हाउस लिफ्टिंग कंपनी के कर्मचारी जैक लगाने के लिए मंदिर के अंदर एक फीट गहरी खोदाई करेंगे। जमीन की सतह पर जैक रखकर ऊपर से मंदिर की दीवार फिक्स की जाएगी। परिसर के अंदर यह प्रक्रिया पूरी होने पर उसे परिसर के बाहरी हिस्से में भी दोहराया जाएगा। बाद में मंदिर की दीवारों पर अंदर और बाहर से चैनल लगाकर उससे ढांचे पर मजबूत पकड़ बनाई जाएगी। दीवारों पर फिक्स किए गए सभी चैनल वेल्डिंग कर एकदूसरे से जोड़े जाएंगे। पूरे परिसर को जैक और चैनलों पर सेट करने में लगभग 20 दिन का वक्त लगने का अनुमान है।
एक दिन में पांच से सात फीट खिसकेगा मंदिर
जिस भूमि पर हनुमान मंदिर पुनर्स्थापित किया जाना है, वहां तक पूरे परिसर को ले जाने के लिए 31 मीटर लंबी पटरियां बिछाई जाएंगी। इन पटरियों पर ट्रेन के पहियों जैसे रोलर लगाकर उनके सहारे मंदिर परिसर के ढांचे को धीरे-धीरे खिसकाकर पीछे लाया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत एक दिन में मंदिर लगभग पांच से सात फीट पीछे हटेगा। एनएचएआई की कार्यदायी कंपनी के कर्मचारी के अनुसार मंदिर परिसर को पीछे पहुंचाने में भी करीब 20 दिन लगेंगे। हालांकि यह प्रक्रिया डेढ़-दो माह में पूरी होने की उम्मीद है।
दूसरी कंपनी हटाएगी विशाल वृक्ष
कछियानी खेड़ा मंदिर परिसर में बरम बाबा का स्थान (पुराना बरगद का वृक्ष) भी है। पेड़ों को हटाने का अनुभव जय दुर्गा कंपनी को नहीं है। इसलिए इस काम का ठेका उसे नहीं दिया है और यह काम बाद में कराने की संभावना है। कंपनी कर्मचारी गौतम के अनुसार बरम बाबा वृक्ष हटाने का काम एनएचएआई ने एक अन्य कंपनी को दिया है और वह कंपनी मंदिर परिसर पीछे हटने के बाद अपना काम शुरू करेगी।
अनशनकारियों से नोकझोंक, 50 लोगों को किया पाबंद
तिलहर। मंदिर के बाहर अनशन पर बैठे श्री रामकृष्ण संघ के मंडल अध्यक्ष ठाकुर विशाल सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान महाराज ने जबरन मंदिर हटाए जाने का विरोध किया। भूमि की सफाई किए जाने के दौरान अनशन स्थल पर बैठे इन दोनों लोगों ने आपत्ति जताई। इस दौरान सीओ और थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने उन्हें शांत होने को कहा। इस पर महाराज भड़क गए। नोकझोंक के बाद वह बमुश्किल शांत हुए। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मंदिर के महंत रामलखन गिरी, अनशन पर बैठे विशाल सिंह, हनुमान महाराज सहित 50 लोगों को शांतिभंग में पांच लाख के मुचलके से पाबंद किया है। इसमें आसपास गांवों के लोग भी हैं। मंदिर के महंत रामलखन गिरी तीन दिन से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि वह देर शाम तक पहुंच रहे हैं। आने के बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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