ग्रामीण जनता को बिजली कनेक्शन लेने पर बड़े आर्थिक बोझ से बचाने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने ग्रामीणों को कनेक्शन देने के बदले किश्तों में भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके तहत उन्हें 130 रुपये जमा करने पर कनेक्शन दे दिया जाएगा। शेष 1200 रुपये 12 किश्तों में सौ रुपये प्रतिमाह के हिसाब से बिजली बिल के साथ चुकाने होंगे। इससे अधिकारियों को प्रोत्साहन योजना से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 25 हजार नए कनेक्शन बढ़ने की उम्मीद है। वर्तमान में करीब पांच लाख की आबादी वाले शहरी क्षेत्र में लगभग 65 हजार बिजली कनेक्शन हैं। हालांकि, नगर में मकानों की तुलना में बिजली कनेक्शनों की संख्या काफी कम मानी जा रही है। ऐसे में कनेक्शनों के लिहाज से ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति ज्यादा खराब है। दरअसल, देहात में लगभग 19 लाख की आबादी पर बमुश्किल 52 हजार कनेक्शन हैं। विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में कनेक्शनों की संख्या वर्तमान की तुलना से 50 फीसदी अधिक होने की गुंजाइश है। ग्रामीण अंचल में कनेक्शन बढ़ने की इसी संभावना को देखते अधीक्षण अभियंता आरके अग्रवाल ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा घोषित नए कनेक्शनों की प्रोत्साहन योजना जिले में भी लागू कराई। अफसरों ने गांव के दौरे शुरू किए तो यह तथ्य भी सामने आया कि ग्राम पंचायतों के तमाम मोहल्ले विद्युतीकृत होने के बावजूद वहां के लोगों ने अभी तक बिजली कनेक्शन लेने की जरूरत नहीं समझी। दो दिन पहले डीएम विजय किरन आनंद ने ददरौल ब्लॉक के गांव अजीतपुर जिगनेरा में विकास कार्यों का सत्यापन करने के बाद चौपाल लगाई। तब उन्हें पता चला कि 260 घर वाले इस गांव में बिजली कनेक्शन सिर्फ दो दर्जन हैं। डीएम आनंद ने ग्रामीणों से बिजली कनेक्शन लेने का आग्रह किया तो वहां मौजूद पॉवर कारपोरेशन के एक्सईएन अशोक सुंदरम ने ग्रामीणों को प्रोत्साहन योजना का ब्यौरा देकर नए कनेक्शन लेने का आग्रह किया।
फ्री बिजली जलाने के आदी हैं लोग
अफसरों की फौज सामने देख ग्रामीणों ने बिजली कनेक्शन लेने को हामी तो भर दी, लेकिन कैंप लगाने पर पैसा जमा नहीं करते। डीएम के निर्देश पर एक गांव में कनेक्शन लेने के लिए 19 आवेदन मिलने पर वहां विशेष शिविर लगाया गया, लेकिन शुल्क जमा करने के लिए गांव का कोई व्यक्ति नहीं पहुंचा। दरअसल, ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश लोग कटिया से मुफ्त की बिजली जलाने के आदी हो चुके हैं। एक कनेक्शन होने पर पड़ोस के चार लोग कटिया डाल लेते हैं। यही नहीं, कनेक्शन लेने के बाद सिर्फ 25 फीसदी लोग बिजली बिल नियमित जमा करते हैं। इस बारे में उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।
-अशोक सुंदरम, एक्सईएन ग्रामीण, पॉवर कारपोरेशन