पुवायां। क्षेत्र के गांव ककरौआ जप्ती, गौंटिया और इटौली में बाघ देखे जाने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने बताया कि बाघ व तेंदुआ होने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।
गांव इटौली के लालाराम का गांव ककरौआ जप्ती रोड पर मुर्गी फार्म है। लालाराम ने बताया कि रविवार रात उन्हें बाघ दिखाई दिया। इस पर लालाराम शोर मचाते हुए मुर्गी फार्म के अंदर जा छिपे। लालाराम ने गांव इटौली की प्रधान शशिबाला के पति जितेंद्र को बाघ होने की जानकारी दी। जितेंद्र ने रेंजर वीरेश राव को अवगत कराया। इसके बाद रेंजर ने वनकर्मियों की टीम मौके पर भेजी। टीम गांव के लोगों से बात कर लौट आई।
बाघ होने की चर्चा फैलने पर स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रही। इटौली के संविलियन स्कूल के प्रधानाचार्य श्याम कुमार त्रिवेदी ने बताया कि स्कूल में 259 बच्चे हैं। रोजाना 200 से ज्यादा आते हैं, लेकिन बाघ होने की चर्चा पर सोमवार को 140 बच्चे ही स्कूल आए। ककरौआ जप्ती प्राथमिक स्कूल के सहायक शिक्षक राजपाल ने बताया स्कूल में 51 बच्चे पंजीकृत हैं। सोमवार को आठ बजे तक 10-12 बच्चे ही स्कूल आए। बच्चों ने बताया कि बाघ के डर से अन्य बच्चे स्कूल नहीं आए हैं। इसके बाद वह गांव गए और अभिभावकों को समझाया, तब 42 बच्चे स्कूल पहुंचे।
बाघ देखे जाने की सूचना मिलने पर टीम मौके पर भेजी गई थी। गांव के लोग एकत्र मिले थे। जांच में किसी वन्य पशु के पदचिह्न आदि नहीं मिले। वन्य पशु होने की पुष्टि नहीं हुई है। गांव के लोगों को मोबाइल नंबर देकर कहा गया है कि कोई वन्य पशु दिखने पर सूचना दें।
वीरेश राव, वन रेंजर, सिंधौली रेंज