क्षेत्र के गांव रुजुवारी में चल रहे योग शिविर में ग्रामीणों ने योग के विभिन्न चरण सीखे।
पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के तत्वाधान में चल रहे निरोगी भारत योगी भारत अभियान के तहत योगाचार्य रानू शर्मा ने योगाभ्यासियों को बताया कि योग के तीन चरण होते हैं। पहला व्यायात्मक, क्रियात्मक और ध्यानात्मक चरण।
व्यायात्मक में हम अपने स्थूल शरीर को पुष्ट और मजबूत बनाने के लिए जो क्रियाएं करते है, जैसे यौगिक जॉगिंग, सूर्य नमस्कार, दंड बैठक आदि करते हैं। क्रियात्मक चरण में हम आसनों द्वारा शरीर की विकृतियों को दूर कर सुडौल, संतुलित और लचीला बनाते हैं तथा अंतिम चरण ध्यानात्मक चरण या आध्यात्मिक चरण होता है जिसमें हम प्राणायामों द्वारा अपनी श्वांस पर नियंत्रण कर अपने स्थुल शरीर के साध्य एवं असाध्य रोगों को दूर करके सूक्ष्म शरीर, मन और आत्मा का परमात्मा के साथ एकीकरण की क्रिया ही योग कहलाती है। इस अवसर पर पतंजलि योग समिति तिलहर के तहसील प्रभारी राजेंद्र पाल सिंह एवं साधकों में शिव ओम, अमित मौर्य, अरुण, विकास, सुमित, बागेश, कृष्ण कुमार, कुलदीप कुमार, हिमांशु, मुरारी, अजीत वर्मा, हेमचंद, शैलेंद, सत्यदेव पाल, सतेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।