शाहजहांपुर। विकास की गति को बढ़ाने के चक्कर में लगातार पेड़-पौधों का कटान हो रहा है। इससे वातावरण एवं जलवायु का संतुलन बिगड़ रहा है। वातावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत में हरिशंकरी लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पीपल, बरगद और पाकड़ के पेड़ शामिल हैं। प्रधानों ने ग्राम पंचायतों में पौधे लगाने की शुरुआत कर दी है।
धरती को हराभरा रखने के लिए प्रत्येक वर्ष मानसूनी सीजन में लाखों पौधे रोप जाते हैं। देखरेख नहीं होने से पौध नष्ट हो जाते हैं। वातावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए जिले की 1069 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों को डीएम की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि पीपल, बरगद और पाकड़ के पौधे लगाए जाएं। प्रधानों ने पौधे लगवाने शुरू कर दिए हैं।
हरियाली के साथ मिलेगा स्वच्छ वातावरण
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि पीपल, बरगद और पाकड़ के पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और वातावरण में ऑक्सीजन छोड़ते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छे वातावरण को बनाने के लिए प्रशासन की ओर से हरिशंकरी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन पौधों की देखभाल भी आसानी से की जा सकती है। एक पेड़ तैयार होने के बाद वर्षों तक चलता है।
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सभी ग्राम पंचायतों में हरिशंकरी के पौधों को रोपित करने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव और विकासखंड अधिकारियों को पौधरोपण की रिपोर्ट लगातार देने के निर्देश दिए गए हैं।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
सुधांशू मिश्रा, प्रधान कुर्रिया कलां।
सुधांशू मिश्रा, प्रधान कुर्रिया कलां।
सुधांशू मिश्रा, प्रधान कुर्रिया कलां।