पुवायां। जिला बदर के मनरेगा में काम करने के मामले में पुलिस फर्जी हाजिरी लगाने की बात कहकर लीपापोती कर रही है, वहीं जिला बदर के मनरेगा में काम करने के दौरान के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। कुछ वीडियो तो जिला बदर ने खुद ही अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर डाले हैं।
गांव बगड़ेर के हरिओम पर पुवायां थाने में एससीएसटी एक्ट सहित चार मुकदमे दर्ज हैं। गांव के लोगों को परेशान करने की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसके आधार पर हरिओम को 10 जून को जिला बदर किया गया था। उसे नौ दिसंबर तक जिले से बाहर रहना था, लेकिन हरिओम घर पर ही मौजूद रहा।
अगस्त माह में उसने 12 दिन तक गांव में मनरेगा में काम भी किया। इसका भुगतान भी हरिओम के बैंक एकाउंट में किया गया। जिला बदर के मनरेगा में काम करने की चर्चा फैली तो पुलिस ने आठ और नौ सितंबर को गांव में दबिश दी, लेकिन एक फोन कॉल पहुंचने पर वह पुलिस के पहुंचने से पांच मिनट पहले ही घर से भाग निकला।
सीओ प्रवीण मलिक ने बताया था कि हरिओम गांव नहीं आया है। हरिओम की भाभी मनरेगा में मेट हैं और उन्होंने हरिओम की फर्जी हाजिरी लगा दी है, लेकिन हरिओम के गांव में फाॅगिंग कराते हुए और पुवायां में रोटावेटर खरीदते हुए वीडियो, फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इससे फर्जी हाजिरी की बात गलत साबित हो रही है।
सीओ ने माना, पुवायां पुलिस की लापरवाही, भेजी गई रिपोर्ट
जिला बदर के मनरेगा में काम करने के मामले में जांच के बाद सीओ ने पुवायां पुलिस की लापरवाही मानते हुए अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि मामले की जांच कराई गई थी। जांच में पाया गया है कि जिला बदर के मनरेगा में काम करने में पुलिस की लापरवाही है। इसकी रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी गई है। अधिकारियों के स्तर से कार्रवाई की जाएगी।