शाहजहांपुर। सड़कों से अतिक्रमण का बोझ कम करने के लिए शहर में बनाए गए तीन वेंडिंग जोन बदहाल हो गए हैं। ठेकेदारों के मनमानी वसूली करने के कारण वेंडिंग जोन की अधिकतर दुकानें खाली पड़ी हैं। सड़कें घेरकर दुकानदार फड़ और ठेले लगा रहे हैं। इसके चलते लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है। फुटपाथ भी गायब हो गए हैं।
प्रमुख सड़कों पर यातायात को व्यवस्थित करने और सड़कों पर लगने वाले ठेलों और फड़ों को ठिकाना देने के उद्देश्य से नगर निगम ने वर्ष 2023 में तीन स्थानों पर वेंडिंग जोन बनाए थे। गदियाना चुंगी के पास वेंडिंग जोन में 54 दुकानों का निर्माण कराया गया। इन पर 40 लाख रुपये खर्च किए गए। यहां पर नगर निगम ने दुकानें आवंटित कीं।
प्रत्येक दुकानदार से पांच हजार रुपये सुरक्षा राशि जमा कराई गई। दुकानदारों से तीन सौ रुपये प्रति महीने देने की बात भी तय हुई। कुछ दिन वेंडिंग जोन में दुकानाें का संचालन हुआ, लेकिन धीरे-धीरे दुकानदार फिर सड़क के किनारे और पुवायां रोड की ओर जाने वाले बाइपास के पास फड़ और ठेले लगाने लगे।
दुकानदारों का आरोप था कि ठेकेदार मनमानी तरीके से वसूली कर रहा था। किसी दुकानदार से रोजाना सौ रुपये तो किसी से 70 रुपये लेता था। वर्तमान में 50 दुकानों में कुल 12 दुकानें ही वेंडिंग जोन में चल रही हैं।
पुल टूटा तो वेंडिंग जोन भी हटा, दुकानदारों ने कर लिया अतिक्रमण
पुराने गर्रा पुल का उपयोग करने के लिए 15 लाख रुपये की लागत से वेंडिंग जोन बनाकर 30 दुकानों का निर्माण कराया गया। आवंटन के बाद यहां भी कुछ दिन ही दुकानें चलीं। उसके बाद दुकानदारों ने सड़क का किनारा पकड़ लिया। दुकानदारों ने मूलभूत सुविधाएं नहीं होने व ग्राहकों के नहीं आने की बात कही। बाद में पुल के निर्माण के लिए वेंटिंग जोन खत्म कर दिया गया। अब पुल के दोनों ओर दुकानदाराें ने अतिक्रमण कर रखा है।
मोहनगंज फाटक के पास के वेडिंग जोन की दुकानें भी खाली
टाउन हॉल से मोहनगंज फाटक की ओर जाने वाले मार्ग पर भी वेंडिंग जोन बनाया गया। इसमें 35 दुकानें बनाई गईं। इसकी लागत करीब 15 लाख रुपये आई। यहां भी मात्र दस दुकानों में लोग बैठते हैं। शेष खाली हैं। दुकानदार ने बताया कि पांच हजार रुपये के करीब सुरक्षा राशि जमा हुई थी। मात्र 10 रुपये रोज के हिसाब से नगर निगम की ओर से वसूली की जाती थी। सुरक्षा धनराशि ज्यादा होने के चलते दुकानें नहीं उठीं।
दुकानदारों से बातचीत
वेंटिंग जोन में 70 रुपये रोज के हिसाब से ठेकेदार वसूली करता है। इसके एवज में कोई रसीद नहीं दी जाती। निगम के अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- अमित, दुकानदार, गदियाना चुंगी
-
ठेकेदार के लोग रोजाना 100 रुपये की वसूली करते हैं। मनमानी वसूली के चलते दुकानें खाली पड़ी हैं। मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने के कारण भी लोग दुकानें लेने से कतरा रहे हैं।
- पप्पू, दुकानदार, गदियाना चुंगी
वेंडिंग जोन में अधिक वसूली को लेकर कोई शिकायत आने पर संबंधित की जांच कराई जाएगी। वहां की मूलभूत सुविधाओं को पूरा कराएंगे, जिससे दुकानदार फिर से वहां अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
अमित, दुकानदार, गदियाना चुंगी।
अमित, दुकानदार, गदियाना चुंगी।
अमित, दुकानदार, गदियाना चुंगी।
अमित, दुकानदार, गदियाना चुंगी।