शाहजहांपुर। ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर शनिवार को सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत रखा। उन्होंने पतियों की दीर्घायु और सुखी जीवन की कामना की। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में वट वृक्षों के नीचे पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने वट वृक्ष को हल्दी का लेप लगाया और पीले धागे से सात बार परिक्रमा की।
इसके बाद जल अर्पित कर विधिवत पूजन संपन्न किया। पूजन के उपरांत महिलाओं ने व्रत खोला। शहर के इंदिरानगर स्थित ऋषि आश्रम, कटिया टोला, ओसीएफ इस्टेट में वट वृक्षों पर भीड़ उमड़ी। इसके अलावा बहादुरगंज सहित कई अन्य स्थानों पर भी वट वृक्षों के नीचे महिलाओं का जमावड़ा लगा।
बाबा वनखड़ी नाथ मंदिर और हुंडाल खेल के प्राचीन मंदिर में भी सुहागिनों ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। श्री रुद्र बाला जी धाम के पं. डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि वट सावित्री का व्रत महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सुहागन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर पति के दीर्घायु होने की कामना के लिए प्रार्थना करती हैं। वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों का वास होता है। इस व्रत को करने वाली महिलाओं के ऊपर तीनों देवताओं का आशीर्वाद सदा बना रहता है।
वट अमावस्या पर पंथवारी मंदिर पर हुआ भंडारा
खुटार। खुटार के माता पंथवारी मंदिर पर वट सावित्री अमावस्या पर भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में नगर के साथ ही आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं ने भी पहुंचकर खीर, पूड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में सत्यपाल गुप्ता, विनय गुप्ता, गौरव गुप्ता, बबलू गुप्ता, महिपाल गुप्ता सहित कई लोगों का सहयोग रहा। संवाद
टाउनहॉल स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर में वट की पूजा करतीं महिलाएं। संवाद
टाउनहॉल स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर में वट की पूजा करतीं महिलाएं। संवाद