शाहजहांपुर। शहर के मोहल्ला बाडूजई प्रथम में संचालित पटाखा फैक्टरी के लिए पकड़े गए आरोपी सहारनपुर से कच्चे माल को लाते थे। यहां निर्मित पटाखों की आसपास के जिलों में सप्लाई की जाती थी। फैक्टरी चलाने वाले ओसीएफ के मैदान में पटाखा बाजार में दुकान लगाकर बिक्री भी करते थे। पटाखों को बनाने में परिवार की महिलाएं भी सहयोग करती थीं।
25 अगस्त को थाना सदर बाजार पुलिस और एसओजी ने संयुक्त रूप से बाडूजई प्रथम स्थित पक्का तालाब के पास अरबाब के मकान में दबिश दी थी। इस दौरान वहां निर्मित व अर्द्धनिर्मित आतिशबाजी मिली थी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान तीन महिलाएं मौका पाकर भाग गईं। अरबाब के बताने पर मोहल्ला ककरा में गोदाम से कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस ने भारी मात्रा में आतिशबाजी का सामान बरामद किया।
उस्मानबाग चौकी के प्रभारी रणजीत बहादुर ने मामले में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने पकड़े गए बाल अपचारी को थाने से जमानत दे दी। अरबाब, उसके भाई जब्बार और जमाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पटाखों की पैकिंग करने के कार्य में परिवार की महिलाएं भी सहयोग करती थी। इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह ने बताया कि दिवाली पर आरोपी पटाखों की सप्लाई आसपास के जिलों में करते थे। साथ ही ओसीएफ के मैदान पर पटाखों की दुकान लगाते थे। पुलिस उनके नेटवर्क की तलाश भी कर रही है।
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मिठाई के डिब्बों में करते थे सप्लाई
-अभियुक्त अरबाब के पिता व दादा पुश्तैनी रूप से पटाखों को बनाने और बिक्री करने का काम करते थे। अब वह खुद ही पटाखे बनाने लगे थे। गोदाम में पटाखों को बनाने के बाद बाडूजई प्रथम मोहल्ले में स्थित मकान में स्टोर करते थे। यहीं से पैकिंग कर बिक्री की जाती थी। अरबाब और जब्बार ने पुलिस को बताया कि वे पहले बाहर से पटाखे खरीदकर लाकर बेचते थे। उसमें मुनाफा कम होता था। इसलिए थोड़ा-थोड़ा कच्चा माल लाकर पटाखा और सुतली बम बनाने लगे। दिवाली पर मिठाई के डिब्बों में पैक कर सप्लाई की जाती थी।
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