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Shahjahanpur News: सहकारी समितियों पर यूरिया का स्टॉक खत्म, भटक रहे किसान

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स्नेह कुमार, खाद संकट में
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शाहजहांपुर। बारिश के बाद गन्ने की फसल के लिए यूरिया की मांग बढ़ गई है, लेकिन जनपद की तमाम सहकारी समितियों पर यूरिया का पुराना स्टॉक खत्म हो गया है। मांग के बावजूद यूरिया की नई खेप नहीं मिलने से समितियों के गोदामों पर ताले लटक रहे हैं। यूरिया के लिए परेशान किसान समितियों के बार-बार चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। क्योंकि बाजार में उर्वरक विक्रेता यूरिया के प्रति बैग पर 60 से 80 रुपये तक मुनाफाखोरी कर रहे हैं।
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जलालाबाद में चार सहकारी समितियों पर यूरिया खत्म
जलालाबाद। क्षेत्र की 10 सहकारी समितियों में से केवल छह पर यूरिया उपलब्ध है। हालांकि, क्षेत्र में गन्ने की खेती ज्यादा नहीं होती है, लेकिन जिन किसानों ने मक्का बोई है, उन्हें यूरिया नहीं मिल रही है। पिटारमऊ, खंडहर, फरीदापुर और भटादेवर साधन सहकारी समितियों में यूरिया और डीएपी व चौक मनोरथपुर सहसोबारी और गुलड़िया में एनपीके और यूरिया उपलब्ध है। एडीओ कोऑपरेटिव विजय राज ने बताया कि अन्य समितियों का भी रुपया जमा हो चुका है, लेकिन अभी खाद के ट्रक नहीं आए हैं। एडीओ के अनुसार दो-तीन दिन में खाद मिलते ही किसानों को वितरण शुरू करा दिया जाएगा। संवाद

कुर्रियाकलां समिति पर तीन माह से नहीं आई यूरिया
कुर्रियाकलां। गांव की साधन सहकारी समिति पर यूरिया नहीं आने से किसान खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि बारिश के बाद गन्ने की फसल के लिए यूरिया की जरूरत है, लेकिन समिति के सचिव लापरवाह बने हुए हैं। खास यह है कि समिति पर तीन माह पहले गेहूं की आखिरी सिंचाई के वक्त यूरिया बांटी गई थी। तब से समिति का गोदाम खाद से खाली पड़ा है, जबकि इस समय किसानों को गन्ना समेत मूंगफली और मक्के की फसल के लिए यूरिया की बेहद आवश्यकता है। संवाद
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देवकली समिति पर यूरिया की आस में रोजाना पहुंच रहे किसान

देवकली। यूरिया नहीं मिलने से किसानों की मक्का और गन्ने की फसल को नुकसान हो रहा है। किसान सुबह से समिति कार्यालय जाकर वहां लाइन में लग जाते हैं और दो-तीन घंटे बाद उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि खाद आज नहीं आएगी। इस वजह से किसानों की वहां रोजाना कतार लग रही हैं, लेकिन कर्मचारी आज-कल कहकर उन्हें टरका रहे हैं। समिति के सचिव विपनेश मिश्रा के अनुसार 10-12 दिन पूर्व आई यूरिया वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यालय पर चेक लगी हुई है और दो-तीन दिन में यूरिया आने की उम्मीद है। इफको के केंद्र प्रभारी अरविंद कुमार के अनुसार तीन दिन पहले आई यूरिया बांटी जा चुकी है और अब नया स्टॉक मिलने पर किसानों को यूरिया मिल सकेगी। संवाद
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किसानों की व्यथा
पांच एकड़ गन्ने की फसल के लिए कम से कम पांच बोरी यूरिया की आवश्यकता है। कई बार समिति के चक्कर लगाए, लेकिन खाद नहीं मिली। हर बार बाद में आने के लिए कहकर लौटा दिया गया।
-स्नेह कुमार, कुर्रियाकलां

दो एकड़ खेत में मक्का बोई है, लेकिन उसके लिए यूरिया नहीं मिल रही हैं। बाजार में दुकान पर एक बोरी यूरिया 300 रुपये देने पर मिल रही है। दुकानदार जिंक और जाइम भी लेने के लिए मजबूर कर उसके रुपये भी ले रहे हैं।

-विश्वदेव, पल्हौरा

गांव की साधन सहकारी समिति पर कई दिन से यूरिया नहीं आई है। हमने मक्का की फसल बोई है। अब बारिश के बाद उसमें यूरिया डालने की जरूरत है। समिति में कब तक खाद आएगी, कोई बताने वाला नहीं है।
-शैलेंद्र अवस्थी, देवकली

दो बोरी यूरिया लेने के लिए हम कई दिन से इफको केंद्र पर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार मायूस लौटना पड़ रहा है। केंद्र प्रभारी कल आने को कहकर रोज बुला रहे हैं। यूरिया की कमी से गन्ने की फसल खराब हो रही है।
-मनोज वर्मा, पटनी

समितियों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध है। किसानों को खतौनियों के साथ खाद उपलब्ध कराई जा रही है।
-अखिलेश प्रताप सिंह, एआर कोआपरेटिव

स्नेह कुमार, खाद संकट में

स्नेह कुमार, खाद संकट में

स्नेह कुमार, खाद संकट में

स्नेह कुमार, खाद संकट में

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